हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र संघ मे ईरान के अस्थाई प्रतिनिधि अमीर सईद एरवानी ने सुरक्षा परिषद् के नाम पत्र मे अमेरिका के हस्तक्षेपीय बयानात की कड़े शब्दो मे निंदा करते हुए उसे अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के खुला उलघ्घन बताया।
संयुक्त राष्ट्र संघ के नाम ईरान के पत्र मे कहा गया है कि अमेरिका की ओर से ज़ायोनी सरकार के साथ गठजोड़ के माध्यम से ईरान मे जानबूझ कर अशांति और हिंसा फ़ैलाने के उद्देश्य से धमकीयो और दंगो की शकल मे, अमेरिका के ग़ैर क़ानूनी और ग़ैर जिम्मेदाराना व्यवहार की जितनी निंदा की जाए कम है।
सुरक्षा परिषद के नाम ईरान के पत्र मे अस्थाई प्रतिनिधि के खत मे आया है कि अंतर्राष्ट्रीय क़ानून का कोई भी उसूल और जाबता किसी भी सरकार को इस बात की अनुमति नही देता कि वह इंसानी अधिकार के लबादे मे जनता के समर्थन की आड़ मे किसी दूसरे देश मे हिंसा को हवा दे। समाज के अफरा तफ़री फ़ैलाए या दंगो की नियोजित करे।
अमीर सईद एरवानी ने सुरक्षा परिषद के नाम अपने पत्र मे स्पष्ट किया कि इस प्रकार के सभी दावे क़ानून का खुला उलघ्घन शुमार होते है और वह उपरोक्त मुद्दो को दबाव, धमकीयो और हस्तक्षेपीय योजनाओ का जवाज़ फ़राम करने का हथकंडा नही बनाया जा सकता।
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