हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री सय्यद अब्बास अराक़ची ने अपने इराक़ी समकक्ष के साथ साझा कांफ़्रेस मे दोनो देशो के बीच आर्थिक, सामाजिक और राजनितीक सहित विभिन्न विभागो मे संबंध और राबता बढ़ाना के महत्व पर ज़ोर दिया
उन्होने क्षेत्रीय राजनीति मे इराक के बढ़ते हुए प्रभाव को उल्लेख करते हुए क्षेत्रीय शांति और इस्तेहकाम को बढ़ावा देने के लिए सहयोग और समंजस्य के लिए इस्लामी गणत्रंत ईरान की तैयारी का इज़्हार किया।
उनहोने दोनो देशो के बीच एक जामेअ सहयोग के समझोते पर पहुचंने के लिए प्रयासो को तेज करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।
डॉ अराक़ची ने ऐनुल असद एयर बेस से अमिरीक फ़ौजीयो के निकलने और उसे इराकी सेना के हवाले करने के अमल को इराक की आज़ादी और राजनीति खुदमुखतारी की मजबूती के मार्ग मे एक मील का पत्थर करार दिया।
उन्होने यह इच्छा भी व्यक्त की कि इस्लामी गणतंत्र ईरान एक मजबूत, आज़ाद और मजबूत राजनितिक सरकार के मालिक इराक का इच्छुक है।
दोनो मंत्रीयो ने आर्थिक विभाग मे, दोनो देशो के बीच व्यापार और वित्तीय संबंध को बढ़ावा देने पर ज़ोर देते हुए कहा कि व्यापार मे अधिक बढ़ावे के लिए दोनो देशो मे प्रर्याप्त क्षमता मौजूद है।
अंत मे इराक़ी विदेश मंत्री फुवाद हुसैन ने तेहरान की दावत पर धन्यवाद किया और दिव्पक्षीय संबंधो को विभिन्न विभागो मे बढ़ाने के महत्व पर ज़ोर दिया।
उन्होने क्षेत्रीय सुरक्षा और सलामती पर बात करते हुए कहा कि इराक की सलामती ईरान की सलामती से जुड़ी हुई है, अतः इम समस्याओ के समाधान के लिए बातचीत का मार्ग चुनना ही अक़्ल का तक़ाज़ा है।
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