हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , बुशहर में शिक्षा परिषद की बैठक हुज्जतुल इस्लाम आशूरी की अध्यक्षता में हुई।इस बैठक में शिक्षा से जुड़े मुद्दों और समस्याओं पर चर्चा की गई।
हुज्जतुल इस्लाम आशूरी ने कहा कि शिक्षा के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग विभागों के बीच सहयोग बहुत ज़रूरी है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक शिक्षा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, शिक्षा और प्रशिक्षण से जुड़े मेहनती और जिम्मेदार लोगों के बीच आकर मुझे खुशी हो रही है। शिक्षा केवल ज्ञान देने की जगह नहीं है, बल्कि यह इंसान को बेहतर बनाने और आने वाली पीढ़ी का चरित्र गढ़ने का केंद्र है।
इमाम-ए-जुमा सीराफ़ ने कहा कि सभी संस्थाओं के सहयोग से ऐसे हालात बनाए जाने चाहिए, ताकि ऐसे छात्र तैयार हों जो पढ़ाई में भी अच्छे हों और नैतिक व धार्मिक मूल्यों का पालन भी करते हों।
हुज्जतुल इस्लाम आशूरी ने दोहराया, समझदार और जागरूक नौजवान पीढ़ी की परवरिश एक राष्ट्रीय और धार्मिक ज़िम्मेदारी है और इसमें सफलता देश के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है।उन्होंने सभी शिक्षकों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि ईश्वर पर भरोसा और आपसी सहयोग से इस रास्ते में अच्छे और प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।
बैठक में शिक्षा परिषद के सदस्यों ने शैक्षणिक कार्यक्रमों की वर्तमान स्थिति, चल रही योजनाओं और स्कूलों की ज़रूरतों पर रिपोर्ट पेश की।
अंत में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि इस तरह का सहयोग लगातार जारी रहना चाहिए और सभी संस्थाओं की क्षमता का उपयोग करके भविष्य की पीढ़ी के लिए एक सकारात्मक और प्रभावी माहौल बनाया जाए।
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