बुधवार 11 फ़रवरी 2026 - 18:53
हम अपने रहबर और इंकेलाबी पहचान को किसी भी तरह का नुकसान पहुँचाने की हरगिज़ इजाज़त नहीं देंगें

हौज़ा / आयतुल्लाह अली रज़ा आराफी ने क़ुम में 22 बहमन की हम्मासी और दुश्मन-शिकन रैली में इंकेलाबी और मुत्तक़ी जनता के साथ शाना बा शाना शिरकत की।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , हौज़ा ए इल्मिया के प्रबंधक आयतुल्लाह अली रज़ा अराफी ने वफ़ादार, वलायतमदार, बसीर, इंकेलाबी और परहेज़गार अवाम के हमराह ईरान के शहर क़ुम अल-मुकद्दसा में 22 बहमन की हम्मासी और दुश्मन-शिकन रैली में शिरकत की।

उन्होंने रैली के दौरान गुफ़्तगू में शिरकत करने वालों को ख़िराज-ए-तहसीन पेश करते हुए कहा, क़ुम एक "आलमी शहर" है जहाँ मुख़्तलिफ़ अक़वाम, नस्लें और क़ौमीतें आबाद हैं।
यौमुल्लाह 22 बहमन के इस इलाही मौजिज़े के दिन बूढ़े और जवान औरतें और बच्चे, कुर्द और लुर, अरब और बलूच, तुर्क और फ़ारस, ईरानी और ग़ैर ईरानी सब के सब "अमेरिका मुरदाबाद" "इसराइल मुरदाबाद" "फ़ित्नागर मुरदाबाद" "मुनाफ़िक़ मुरदाबाद" "ख़ूनी की दर रगे मास्त हदिया बे रहबरे मास्त" "मा हमा सरबाज़े तूईम ख़ामेनई गोश बे फ़रमाने तूईम ख़ामेनई" "हैयात मिन्नज़ ज़िल्ला" जैसे नारों के साथ मैदान में आए हैं।

ताकि शोहदा के ख़ून के दिफ़ा में अपनी मौजूदगी का एलान करें और ईरान भर में इस जश्न में क़ौमी इत्तेहाद-ओ-यकजिहती और हमदिली का अमली मुजाहिरा करें, नीज़ दुश्मनों बिलख़ुसूस मुजरिम अमेरिका और बच्चों के कातिल सायोनी हुकूमत को यह पैग़ाम दें कि वह कुछ भी नहीं कर सकते।

हम अपने रहबर और इंकेलाबी पहचान को किसी भी तरह का नुकसान पहुँचाने की हरगिज़ इजाज़त नहीं देंगें

आयतुल्लाह अराफी ने मज़ीद कहा, इंकेलाब ए इस्लामी के आलमी एलान-ए-वफ़ादारी के इस दिन सब मैदान में आए ताकि ईरान और ईरानी क़ौम के दुश्मनों को यह बता दें कि वह अपने रहबर और मरजा हज़रत इमाम ख़ामेनई हफ़िज़हुल्लाह तआला के फ़रमान पर लब्बैक कहते हुए इंकेलाब के वारिसे और शोहदा के ख़ून की हिफ़ाज़त के लिए जान की बाज़ी लगाने को तैयार हैं।

और हरगिज़ अपनी इंकलाबी पहचान को किसी भी तरह का नुकसान पहुँचाने की इजाज़त नहीं देंगे और मआशी मुश्किलात के बावजूद पहले से ज़्यादा इस्तिक़ामत के साथ इस आली हदफ़ की तरफ़ बढ़ रहे हैं जिसकी बशारत वली अम्रे मुस्लेमीन ने दी है और यह सफ़र कभी रुकेगा नहीं।

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