हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के हौज़ा ए इल्मिया की केंद्रीय एडमिनिस्ट्रेटिव बॉडी ने ईरानी लोगों को इस्लामिक क्रांति की सालगिरह के मौके पर ऐतिहासिक 22 बहमन की रैली में पूरी तरह हिस्सा लेने का न्योता दिया है। बयान में कहा गया है कि लोगों की जोश भरी मौजूदगी देश की एकता, संप्रभुता और स्थिरता का साफ संदेश होगी।
बयान पवित्र कुरान की एक आयत से शुरू हुआ, जिसमें यौमुल्लाह को याद करने की अहमियत बताई गई है। हमें ईरानी राष्ट्र के बेमिसाल संघर्ष की याद दिलाते हैं, जिसके नतीजे में इमाम खुमैनी के नेतृत्व में ज़ुल्म और दुनिया भर के घमंड, खासकर अमेरिका के दबदबे का अंत हुआ और देश सम्मान, आज़ादी और संप्रभुता के एक नए रास्ते पर चल पड़ा।
बयान में कहा गया है कि इस्लामिक क्रांति अपनी 48वीं वर्षगांठ के करीब पहुंच रही है, और इस मौके पर दुश्मन एक बार फिर ईरान पर दबदबा बनाने और उसके संसाधनों को लूटने का सपना देख रहे हैं। लोगों का हौसला तोड़ने और देश में अस्थिरता पैदा करने के लिए तरह-तरह की साज़िशें की जा रही हैं, लेकिन ईरानी राष्ट्र ने हमेशा इन साज़िशों को नाकाम किया है।
हौज़ा ए इल्मिया की केंद्रीय एडमिनिस्ट्रेटिव बॉडी ने कहा कि ईरान के जागरूक लोगों और युवाओं ने लंबे समय तक तानाशाही और उपनिवेशवाद के ज़ुल्म सहे हैं और हज़ारों शहीदों की कुर्बानी से आज़ादी हासिल की है। यही वजह है कि आज वे किसी भी हालत में बाहरी ताकतों को अपना भविष्य तय नहीं करने देते।
बयान में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि क्रांति के सुप्रीम लीडर के नेतृत्व में लोगों की एकता और राष्ट्रीय एकजुटता ने दुश्मनों के इरादों के खिलाफ एक मज़बूत दीवार खड़ी की है। मदरसों को क्रांति का बौद्धिक और सांस्कृतिक संरक्षक बताते हुए कहा गया कि विद्वान हमेशा लोगों के साथ खड़े रहे हैं और दुश्मनों की साज़िशों के खिलाफ़ अग्रणी भूमिका निभाई है।
हौज़ा ए इल्मिया की केंद्रीय एडमिनिस्ट्रेटिव बॉडी ने लोगों से अपील की कि वे बहमन 22 रैली में पूरी तरह से हिस्सा लेकर एक बार फिर अपनी ताकत, एकता और पक्का इरादा दिखाएं। बयान के मुताबिक, इस बड़ी भागीदारी से दुनिया को यह साफ़ संदेश जाएगा कि ईरानी राष्ट्र अपने धर्म, आज़ादी, संप्रभुता और इस्लामी सिस्टम की रक्षा करने से कभी पीछे नहीं हटेगा।
आखिर में, यह कहा गया कि आज पूरी दुनिया ईरानी लोगों के क्रांतिकारी जोश को देखेगी, और यह एकता और मज़बूती ही ईरान की तरक्की और क्रांति की सफलता का राज़ है।
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