हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,माहे रमज़ानुल मुबारक की दुआ जो हज़रत रसूल अल्लाह (स) ने बयान फ़रमाया हैं।
اللَّهُمَّ أَعِنِّی فِیهِ عَلَی صِیَامِهِ وَ قِیَامِهِ وَ جَنِّبْنِی فِیهِ مِنْ هَفَوَاتِهِ وَ آثَامِهِ وَ ارْزُقْنِی فِیهِ ذِکْرَکَ بِدَوَامِهِ بِتَوْفِیقِکَ یَا هَادِیَ الْمُضِلِّین
हे अल्लाह, इस महीने में मुझे रोज़ा रखने और जागते रहने में मदद कर, और मुझे इस महीने के गुनाहों और गलतियों से दूर रख, और अपनी काबिलियत से मुझे हमेशा तुझे याद रखने की ताकत दे, हे गुमराहों को रास्ता दिखाने वाले।
अल्लाहुम्मा सल्ले अला मुहम्मद वा आले मुहम्मद व अज्जिल फ़रजहुम
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