हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,शिया मरजय तकलीद हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा मकारिम सिराज़ी ने हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली खामेनई की शहादत पर शोक संदेश जारी किया है।
بسم الله الرحمن الرحیم
«وَ بَشِّرِ اَلصّٰابِرِینَ اَلَّذِینَ إِذٰا أَصٰابَتْهُمْ مُصِیبَةٌ قٰالُوا إِنّٰا لِلّٰهِ وَ إِنّٰا إِلَیْهِ رٰاجِعُون»
और सब्र करने वालों को खुशखबरी दो, जो लोग कि जब उन पर कोई मुसीबत आती है, तो कहते हैं:हम तो अल्लाह के हैं और उसी की ओर लौटने वाले हैं।
महान इस्लामी उम्मत, सत्य के चाहने वाले लोगों और सम्मानित और प्रतिष्ठित ईरानी राष्ट्र! एक बार फिर मानवता के सबसे बड़े दुश्मनों ने अपने गंदे मंसूबों को जाहिर करते हुए क्रांति के नेता और विश्व साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष के ध्वजवाहक को शहीद कर दिया है।
वह जागृत और बहादुर नेता, जिन्होंने अपना पूरा जीवन इस्लामी क्रांति के मार्ग पर आने वाली मुश्किलों, दबावों और घटनाओं के तूफानों का दृढ़ता से सामना करने में बिताया, आखिरकार अपनी इच्छा को प्राप्त हुए और शहीदों के कारवां से जा मिले। उनमें से कुछ वे हैं जिन्होंने अपनी प्रतिज्ञा पूरी कर ली है, और उनमें से कुछ वे हैं जो प्रतीक्षा कर रहे हैं।
यह हादसा अत्यंत गंभीर है, लेकिन इस्लाम का इतिहास गवाह है कि सत्य के मार्ग पर संघर्ष को हमेशा महान बलिदानों से सींचा गया है, और ऐसी शहादतें सम्मान और स्वतंत्रता की कीमत और उज्ज्वल भविष्य की प्रस्तावना होती हैं।
इस संवेदनशील और निर्णायक चरण पर ईरानी राष्ट्र और दुनिया भर के मुसलमानों का ध्यान कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं की ओर आकर्षित करना आवश्यक है:
हमें याद रखना चाहिए कि अल्लाह की शक्ति सभी शक्तियों से श्रेष्ठ है। मुश्किलों के इस दौर में अपने भीतर किसी भी तरह की कमजोरी को जगह न दें, क्योंकि अल्लाह की मदद का वादा सच्चा है। यदि तुम अल्लाह की मदद करोगे, तो वह तुम्हारी मदद करेगा।
मौजूदा हालात अब एक पूर्ण युद्ध का रूप ले चुका हैं। सशस्त्र बल और सुरक्षा एजेंसियां पूरी ताकत और रणनीति के साथ दुश्मन की हर साज़िश को नाकाम करें।
याद रखें कि हमारी सफलता का रहस्य हमारा एकीकरण (इत्तिहाद) है। अपनी पंक्तियों में एकजुटता बनाए रखना और दुश्मन की अफवाहबाजी का मुकाबला करना सबकी शरई ज़िम्मेदारी है।
ईरानी राष्ट्र और इस्लामी जगत को शहीद नेता के खून का बदला लेने का अधिकार है, और इस अपराध के असली ज़िम्मेदार अमेरिका और ज़ायोनी सरकार हैं। इन्शाअल्लाह जल्द ही दुनिया इन दुष्टों के शर से निजात पाएगी।
दुआ और तवस्सुल से हरज़ ग़ाफ़िल न रहें। हम अपने जीवित और उपस्थित इमाम (अ.ज.) की कृपा की छाया में हैं, वह हमें कभी अकेला नहीं छोड़ेंगा। हमारा दिल गमगीन है, लेकिन हमें अल्लाह की मदद पर पूरा भरोसा है।
अंत में, मैं महान नेता,और उनके साथियों और देश के मासूम और उत्पीड़ित शहीदों की शहादत पर इमाम ज़मान (अ.ज.), सभी मुसलमानों और विशेष रूप से ईरानी राष्ट्र की सेवा में शोक व्यक्त करते है और शहीदों के लिए उच्च पदों और बचे हुए लोगों के लिए सब्र और अज्र की दुआ करते हैं।
वस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातहू
क़ुम: नासिर मकारिम शीराज़ी
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