हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, शिया मरजा ए तक़लीद आयतुल्लाह सुबहानी ने आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई की शहादत पर शोक संदेश जारी किया है। जिसका पाठ इस प्रकार हैः
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्राहीम
इन्ना लिल्लाहे वा इन्ना इलैहे राजेऊन
इन्नमल हयातो अक़ीदतुन व जेहाद
इस्लामी गणराज्य ईरान के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई (क) की मज़लूमाना शहादत सिपाह और सेना के कई कमांडरो की शहादत और निर्दोष नागरिको विशेषकर महिलाओ और मासूम बच्चो की हत्या की सूचना ने उम्मत मुस्लेमा विशेषकर ईरानी जनता मे शोक की लहर दौड़ा दी है।
मे इस दर्दनाक घटना पर हज़रत वली अस्र (अ) की सेवा मे, मुस्लिम उम्मत, सम्मानित विद्वानो और मराज ए इकराम और विशेषकर शहीदो के परिवार की सेवा संवेदना व्यक्त करता हूँ और अल्लाह तआला से शहीदो के लिए बुलंदी दरजात, व्यापक कृपा और रिजवान ए इलाही की दुआ करता हूँ।
हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई इस कलाम के हक़ीक़ी मिसदाक़ थे कि (इन्नमल हयातो अक़ीदतुन न जेहाद) (जीवन वास्तव मे विश्वास और जेहाद का नाम है)। उन्होने जवानी से लेकर अपने जीवन के अंतिम क्षण तक कलम, ज़बान और अपनी जान के साथ इस्लामी शिक्षाओ को बढ़ावा और देश का हकीमाना नेतृत्व के लिए प्रयास जारी रखे, यहा तक कि पवित्र रमज़ान मे अज़ीम सआदत अर्थात शहादत प्राप्त की और अपने दादा अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अ) के मेहमान बने।
हम अल्लाह तआला से दुआ करते है कि इन मज़लूमो के पवित्र रक्त को बेकार न जाने दे और उनके पलीद व अत्याचारी दुशमनो से प्रतिशोध ले। और ईरान की महान जनता से आग्रह है कि वह एकता और एकजुटता को बनाए रखे। निश्चितरूप से अल्लाह तआला इस देश और प्रणाली का रक्षक है।
वस सलामो अलैकुम वा रहमतुल्लाह व बराकोह
क़ुम - जाफ़र सुबहानी
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