हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हज़रत आयतुल्लाह नूरी हमदानी ने इस्लामी क्रांति के नेता की शहादत के अवसर पर संदेश जारी किया जिसका पाठ निम्नलिखित हैः
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्राहीम
مِنَ الْمُؤْمِنِینَ رِجالٌ صَدَقُوا ما عاهَدُوا اللّهَ عَلَیْهِ فَمِنْهُمْ مَنْ قَضی نَحْبَهُ وَ مِنْهُمْ مَنْ یَنْتَظِرُ وَ ما بَدَّلُوا تَبْدِیلاً
इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर की शहादत इनकी आयु के इखलास, मुजाहेदत और बंदगी का परिणाम थी जो अल्लाह तआला ने उनकी लंम्बे समय से चली आ रही इच्छा और हमेशा की दुआओ की स्वीकृति के रूप मे उन्हे प्रदान की।
एक ऐसी शख्सीयत जिसने इमाम खुमैनी (र) के बाद लगभग चार दशको तक उन्ही के पदचिन्हो पर चलते हुए नेतृत्व के कर्तव्यो को अंजाम दिया और कभी अल्लाह के अलावा किसी और के लिए काम नही किया और न ही कोई फ़ैसला किया और न ही कोई बात की।
वह ज्ञान, व्यवहार, त़कवा और शुजाअत मे मुमताज़ थे, उन्होने कभी भी यहा तक कि खतरे के समय भी स्वंय को अपनी जनता से अलग नही किया।
निसंदेह अपराधी अमेरिका और खूनखार ज़ायोनीयो का अंत निकट है और इसबार शक्तिशाली सेना उन्हे जनता के भरपूर समर्थन से एक निश्चित और भूलाया ना जाने वाला जवाब देगी।
इन संवेदनशील और विशेष स्थिति मे ईरानी जनता और दुनिया के आज़ाद लोगो को अपना क्रोध और आक्रोश पर नियंत्रण रखते हुए अपने बीच एकता, एकजुटता तथा संयम को किसी भी प्रकार के मतभेद से परहेज़ करना वाजिब और ज़रूरी है। मैदान मे आएँ और अपनी एकता से दुशमन को निराश करें इंशाल्लाह मजलिस ए खुबरेगान भी अपना ऐतिहासिक कर्तव्य अदा करेंगे और दुशमन को पता चल जाएगा कि क्रांति का मार्ग पूरी शक्ति के साथ जारी रहेगा।
इस्लामी जगत के इस महान नेता की शहादत पर हज़रत बक़ीयातुल्लाह अल आज़म (अ) और इस्लामी उम्मत तथा दुनिया के सभी आज़ाद लोगो को बधाई और संवेदना प्रकट करता हूँ।
हुसैन नूरी हमदानी
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