हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा बशीर हुसैन नजफ़ी ने क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली हुसैनी ख़ामेनई की शहादत पर शोक संदेश जारी किया। जिसका पूरा पाठ निम्नलिखित हैः
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्राहीम
इन्ना लिल्लाहे वा इन्ना इलैहे राजेऊन वला हौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाहिल अलीयुल अज़ीम
अल्लाह के वादो पर ईमान रखने वाले दिलो के साथ ईरान मे इस्लामी क्रांति के नेता, मुजाहिद, आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद ख़ामेनई (कुद्दसा सिर्रोहुश शरीफ) और उनके साथी और उनके साथ शहीद होने वालो की शहादत पर शोक संदेश और पुर्सा पेश करते है।
निसंदेह उनके अस्तित्व ने अपने कंधो पर एक आंदोलन की योजना को उठा रखा था, जिसके माध्यम से इस्लामी उम्मत के मुद्दो को केंद्रीय हैसीयत और विश्वस्तना प्रदान किया।
और उन्होने इस्लामी गणराज्य ईरान की दशको तक साबित कदमी, बुद्धिमत्ता, दृढ़ता और सम्मान के साथ नेतृत्व किया, इसके लिए दुनिया मे एक महत्वपूर्ण स्थान मजबूत किया, और सच्चाई और सम्मान के मार्ग पर बड़ी सफलताओ पर आधारित एक बड़ी धरोहर छोड़ी, बस हम उन्हे साहेबज़ ज़मान (अल्लाह उनके ज़हूर मे शीघ्रता करे) और उनकी माता हज़रत ज़हरा के सामने पेश करते है और उनके लिए सवाब व अज्र के उम्मीदवार है।
और हम ईरानी जनता और उनके चाहने वालो के दिलो के लिए अल्लाह तआला के हुज़ूर अज्र व सवाब की आशा के साथ मज़बूती और तकवीयत के उम्मीदवार है।
और हम जानते है कि ईरानी जनता हमेशा मज़बूत, साबित कदम और दृढ़ रहेगी उनके काम का तरीका और उनके पूर्वजो के काम का तरीके पर रिजवानुल्लाह अलैहिम।
निसंदेह उनको निशाना बनाने वाली यह बड़ी विश्वासघाती और अपराधिक कार्रवाई वास्तव मे एक ऐसे मार्ग के अंतर्गत आई जिसका उद्देश्य हक, धर्म और उनके ध्वजधारको को मिटाना था, लेकिन अल्लाह अपना प्रकाश प्रकट करने वाला है, चाहे काफ़िर उसे नापसंद करें, चाहे मुशरिक उसे नापसंद करेंय़
व सयअलमुल लज़ीना ज़लमू अय्या मुंक़लेबिन यंक़लेबून
बशीर हुसैन नजफ़ी
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