शुक्रवार 6 मार्च 2026 - 19:53
आयतुल्लाह ख़ामेनेई की शहादत ने मुसलमानों में बेदारी पैदा की हैंःमौलाना क़ल्बे जवाद नकवी

हौज़ा / नेतन्याहू एक वैश्विक अपराधी है जिसके लिए अंतर्राष्ट्रीय अदालत से वारंट जारी किया है, लेकिन अफ़सोस की बात है कि हमारे देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी एक हत्यारे और अपराधी से पुरस्कार लेने गए थे। ऐसा अत्याचारी जिसने 70 हज़ार से अधिक निर्दोष लोगों की हत्या की है उससे पुरस्कार लेना गर्व की बात नहीं है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , लखनऊ, 6 मार्च: ईरान और अमेरिका इज़राइल के बीच चल रहे युद्ध और ईरान पर लगातार हो रही आक्रामकता की निंदा करते हुए, मजलिस-ए-उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना क़ल्बे जवाद नक़वी ने कहा कि दुनिया हमेशा अत्याचारियों के साथ रही है, आज भी पीड़ितों के समर्थन में बोलने वाला कोई नहीं है, लेकिन याद रहे कि जिसका कोई मददगार नहीं होता उसका मददगार अल्लाह होता है।

मौलाना ने कहा कि अमेरिका और इज़राइल स्कूलों, अस्पतालों, कल्याणकारी और राहत भवनों, विशेष रूप से आवासीय क्षेत्रों पर बमबारी कर रहे हैं। आतंकवादी हमले में ईरान के शहर मनाब के स्कूल को निशाना बनाया गया, जिसमें डेढ़ सौ से अधिक छोटी-छोटी मासूम बच्चियाँ शहीद हो गईं, मगर अफ़सोस कि महिला अधिकारों के नारे लगाने वाले ख़ामोश रहे।

हमारी सरकार ने इस घटना की निंदा नहीं की, जिससे हमारा सिर शर्म से झुक गया। तेहरान में महात्मा गांधी के नाम पर मौजूद अस्पताल पर बमबारी की गई, क्या हमारे देश को इसकी निंदा नहीं करनी चाहिए थी?

मौलाना ने आगे कहा कि हम ब्रिटेन की गुलामी से तो आज़ाद हो गए थे, मगर अब अमेरिका की गुलामी कर रहे हैं। क्या हम इतने कमज़ोर हो गए हैं कि अब अमेरिका की इजाज़त से रूस या किसी दूसरे देश से तेल खरीदेंगे? यह गुलामी नहीं तो और क्या है। सरकार ने वैश्विक स्तर पर हमारे देश की साख को बर्बाद किया है और हमें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है।

मौलाना ने अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ईरान के हमलों का समर्थन करते हुए कहा कि अरब शासकों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं है, वे गुलाम हैं और उनकी ज़िंदगी अय्यासियो में गुज़र रही थी। आयतुल्लाह ख़ामेनेई की शहादत ने उम्मत-ए-इस्लामिया की ग़ैरत को जगाया है और अब हर देश में अमेरिका और इज़राइल के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि नबूवत और इमामत के बाद सबसे बड़ा दर्जा शहादत है, इसलिए हम शहादत को सौभाग्य समझते हैं। हर मोमिन की तमन्ना होती है कि वह अल्लाह की राह में शहीद हो, आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने इस शर्फ़ को पा लिया जिसकी वे तमन्ना करते थे।

मौलाना ने कहा कि ईरान पर लगातार सैंतालीस सालों से प्रतिबंध लगे हुए हैं, मगर ईरान ने अपनी रक्षा को इतना मज़बूत कर लिया है कि आज दुनिया हैरान है। दुनिया की शैतानी ताक़तों ने जो रक्षा प्रणाली ईरान के मिसाइलों को रोकने के लिए बनाई थी, वह भी नाकाम हो चुकी है, यह ईरान की कामयाबी का सबूत है।

मौलाना ने कहा कि ईरान में जितने भी हिंदुस्तान के छात्र मौजूद हैं, जिनमें मेरा बेटा और बहनें शामिल हैं, वे आने के लिए तैयार नहीं हैं, ग़लत ख़बरें फैलाई जा रही हैं कि वे वहाँ भारतीय मदद का इंतज़ार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ईरान के लोग दुश्मन के हमलों से डरे हुए नहीं हैं, बल्कि अपनी सरकार के साथ खड़े हैं।

मौलाना ने कहा कि नेतन्याहू एक वैश्विक अपराधी है जिसके लिए अंतर्राष्ट्रीय अदालत से वारंट जारी है, मगर अफ़सोस की बात है कि हमारे देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी एक हत्यारे और अपराधी से पुरस्कार लेने गए थे। ऐसा अत्याचारी जिसने सत्तर हज़ार से अधिक निर्दोष लोगों की हत्या की है, उससे पुरस्कार लेना गर्व की बात नहीं है।

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