हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस रिवायत को "नहज़ुल अल फसाहा ,,पुस्तक से लिया गया है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:
قالَ رَسُولُ اللّه صلیاللهعلیهوآله: نِعْمَ سِلاحُ الْمُؤْمِنِ الصَّبْرُ وَ الدُّعآءُ.
हज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व.व. ने फरमाया:
मोमिन के लिए सबसे अच्छा हथियार सब्र और दुआ है
नहज़ुल अल फसाहा,हदीस नं 3128
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