हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , मजलिस-ए-ख़ुबरगान-ए-रहबरी की वरिष्ठ समिति के सदस्य आयतुल्लाह अब्बास काबी ने डॉ. अली लारीजानी की शहादत के चालीसवें दिन के अवसर पर हौज़ा न्यूज़ के प्रतिनिधि से बात करते हुए इस महान शहीद के व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं और उनके वैज्ञानिक आस्थावान एवं जिहादी उपलब्धियों का वर्णन किया।
उन्होंने शहीद लारीजानी के उच्च पद की ओर संकेत करते हुए कहा, शहीद डॉ. अली लारीजानी उन प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों में से थे जो मरजइयत के स्कूल, हौज़ा ए इल्मिया, विश्वविद्यालय और शहीद मुतहहरी रह.के विचारों में पले-बढ़े।
क़ुम के हौज़ा ए इल्मिया के 'जामेअ मुदर्रेसीन' के उपाध्यक्ष ने आगे कहा, यह महान राष्ट्रीय पूंजी और राष्ट्रीय हीरो अपनी शहादत के बाद न केवल देश की ऐतिहासिक स्मृति से मिटा, बल्कि अधिक जीवंत और प्रभावशाली होकर उभरा और 'धर्म, ज्ञान और आस्था' की धारा को पुनः जन्म दिया।
विशेषज्ञों की परिषद के सदस्य ने शहीद लारीजानी की कठिन और संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक उपस्थिति को उनकी विशिष्ट विशेषताओं में गिनाया और कहा,यह महान शहीद एक साथ प्रतिरोध के मैदान और कूटनीतिक क्षेत्र में सक्रिय थे।
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