हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , आयतुल्लाह अराफी ने शहीद अली लारीजानी की सेवाओं और कुर्बानियों को सलाम करते हुए कहा कि शहीदों के परिवार धैर्य, दृढ़ता और निस्वार्थता की बड़ी मिसाल हैं।
उन्होंने कहा कि मुख़लिस और ईमानदार परिवार अपने प्रियजनों की कुर्बानी के ज़रिए मुक़ावमत और जिहाद की राह को ज़िंदा रखते हैं।
हौज़ा ए इल्मिया के प्रमुख ने कहा कि शहीदों ने देश की इज़्ज़त, सुरक्षा और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपनी जानें कुर्बान कीं, इसलिए वे पूरी उम्मत के लिए मशअल-ए-राह हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि नई पीढ़ी को शहीदों की सीरत, निस्वार्थता और आध्यात्मिकता से सबक लेना चाहिए, और हौज़ात-ए-इल्मिया की ज़िम्मेदारी है कि वे समाज में शहादत की संस्कृति और धार्मिक मूल्यों को बढ़ावा दें।
मुलाकात के दौरान शहीद अली लारीजानी के परिजनों ने भी उनकी वैज्ञानिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक सेवाओं को याद किया और आयतुल्लाह अराफी के आगमन पर धन्यवाद जताया। इस अवसर पर शहीद के बेटे डॉ. मुर्तज़ा लारीजानी का भी ज़िक्र किया गया।
स्पष्ट रहे कि अली लारीजानी 27 रमज़ान को अपने बेटे डॉ. मुर्तज़ा लारीजानी और सुरक्षाकर्मियों के साथ अमेरिकी बमबारी विमानों और इज़राइली शासन के हमले में शहादत के दर्जे पर फाइज़ हुए थे।
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