गुरुवार 7 मई 2026 - 15:00
क़ुरआन और नहजुल बलाग़ा की शिक्षाओं को पश्चिमी युवाओं तक पहुँचाने की आवश्यकता है

हौज़ा / मस्जिद ए जमकरान के मुतवल्ली ने क़ुरआन और अहले बैत अ.स.की शिक्षाओं को दुनिया तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा,आज पश्चिम में कुछ ऐसे लोग हैं कि अगर उन्हें इस्लाम की हक़ीक़त व सच्चाई पेश की जाए तो वे उसे क़बूल कर लेंगे।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,मस्जिद ए जमकरन के ट्रस्टी हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैयद अली अकबर उजाक नेज़ाद ने दारुल-हदीस कॉलेज के शिक्षकों के सम्मान में आयोजित एक समारोह में वर्तमान दुनिया के सामने धार्मिक शिक्षाओं की सही व्याख्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा,सूरह बकरा की आयत "हुदल लिल मुत्तक़ीन"की कुछ व्याख्याओं के अनुसार, तक़्वा केवल इबादतों के बाहरी रूपों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका अर्थ है सत्य को स्वीकार करना। इसलिए संभव है कि कुछ लोग सत्य को स्वीकार कर लें, भले ही अभी तक उन्हें कुछ धार्मिक आदेश प्रस्तुत न किए गए हों।

उन्होंने कहा, आज दुनिया में विशेष रूप से यूरोप और अमेरिका में कुछ ऐसे लोग मौजूद हैं जो वर्तमान स्थिति से असंतुष्ट हैं और सत्य की तलाश में हैं। यदि क़ुरआन और इस्लाम की शिक्षाएँ उन तक सही ढंग से पहुँचाई जाएँ, तो वे उनका स्वागत करेंगे।

पवित्र जमकरान मस्जिद के ट्रस्टी ने शहीद रहबर-ए-इंकिलाब के पश्चिमी विश्वविद्यालयों के छात्रों आदि को लिखे गए पत्रों का हवाला देते हुए कहा,ये पत्र विश्व जनमत से सीधे संपर्क का एक उदाहरण हैं और यह दर्शाते हैं कि क़ुरआन और इस्लाम का संदेश बिना किसी मध्यस्थ के वैश्विक श्रोताओं तक पहुँचाया जाना चाहिए।

हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन उजाक नेज़ाद ने इस संबंध में शैक्षणिक और हौज़ा संस्थानों की जिम्मेदारी पर बल देते हुए कहा, दारुल-हदीस जैसे शैक्षणिक और सांस्कृतिक संस्थानों को चाहिए कि वे आधुनिक तरीकों से क़ुरआन और नहजुल बलाग़ा की शिक्षाओं को वैश्विक श्रोताओं तक पहुँचाएँ, और केवल पुस्तकों के लेखन और सीमित प्रकाशन पर ही संतोष न करें।

उन्होंने दारुल हदीस के शिक्षकों की वैज्ञानिक गतिविधियों की सराहना करते हुए इस्लामी शिक्षाओं के प्रसार में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।गौरतलब है कि समारोह के अंत में दारुल-हदीस के उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान किया गया।

क़ुरआन और नहजुल बलाग़ा की शिक्षाओं को पश्चिमी युवाओं तक पहुँचाने की आवश्यकता है

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha