रविवार 17 मई 2026 - 12:10
हज़रत मोहम्मद तक़ी अलैहिस्सलाम की शहादत के मौके पर पूरे ईरान में शोक का माहौल

हौज़ा / ज़ीक़ादा महीने की आख़िरी तारीख़ सन् 220 हिजरी क़मरी वह दिन है जब पैग़म्बरे इस्लाम स.ल.के पौत्र और शिया मुसलमानों के नवें इमाम, इमाम मोहम्मद तक़ी अलैहिस्सलाम शहीद हुए,नवें इमाम की शहादत दिवस के अवसर पर ईरान सहित पूरी दुनिया इस समय ग़म में डूबी हुई है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़,रविवार को जहां इस्लामी गणतंत्र ईरान के पवित्र शहर मशहद और क़ुम सहित सभी छोटे बड़े शहर और गावं में इमाम मोहम्मद तक़ी की शहादत के मौक़े पर लोग अज़ादारी कर रहे हैं।

वहीं इराक़ के काज़मैन शहर का वातावरण कुछ भिन्न है। इमाम के पवित्र रौज़े पर काला ध्वज लहरा रहा है। बच्चे, बूढ़े जवान, महिला और पुरुष सब इमाम के रौज़े की ओर रवाना हैं ताकि वहां वे इमाम का शोक मना सकें और दिल खोलकर अज़ादारी कर सकें।

हर ओर दुख का वातावरण है। लोग मजलिसे कर रहे हैं और जूलूस निकाल रहे हैं। इमाम अली इब्ने मूसा रज़ा की शहादत का ग़म मनाने के लिए ईरान और कई देशों से लोग काज़मैन पहुंचे हैं।

इसी तरह ईरान के पवित्र नगर मशहद और क़ुम में भी बडी संख्या में मोमनीन उपस्थित हैं। मशहद और क़ुम में हर ओर काले झंडे लगे हुए हैं। लोग काले कपड़ों में दिखाई दे रहे हैं। छोटे-बड़े, बच्चे-बूढ़े, स्त्री-पुरुष सब ही शोकाकुल हैं। हर ओर भीड़ है। सड़कें लोगों से भरी हुई हैं।

जगह-जगह पर सबीलें लगाई गई हैं। इमाम को याद करते हुए लोग आंसू बहा रहे हैं और मातम कर रहे हैं। इमाम मोहम्मद तक़ी की शहादत के अवसर पर पुरसा दे रहे हैं। इसी तरह क़ुम में मौजूद उनकी फुफ़ी को भी पुरसा पेश कर रहे हैं।

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