शुक्रवार 29 मई 2026 - 10:15
दुनिया के बहाने दीन को त्यागना

अमीरुल मोमिनीन इमाम अली अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में दुनिया को सुधारने के लिए दीन के मामलों को छोड़ने के अंजाम की ओर इशारा किया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत 'नहजुल बलाग़ा' से ली गई है, इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:

قال امیرالمؤمنین علیه السلام:

لاَ یَتْرُکُ اَلنَّاسُ شَیْئاً مِنْ أَمْرِ دِینِهِمْ لاِسْتِصْلاَحِ دُنْیَاهُمْ إِلاَّ فَتَحَ اَللَّهُ عَلَیْهِمْ مَا هُوَ أَضَرُّ مِنْهُ

अमीरुल मोमिनीन अलैहिस्सलाम ने फरमाया:
"लोग अपने दीन (धर्म) के किसी मामले को दुनिया के सुधार के लिए हरगिज़ न छोड़ें, वरना अल्लाह उन पर वह (मुसीबत) खोल देगा जो उस (दुनियावी फायदे) से कहीं ज़्यादा हानिकारक होगी।"

नहजुल बलाग़ा, हिकमत नंबर 106

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