हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत 'नहजुल बलाग़ा' से ली गई है, इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:
قال امیرالمؤمنین علیه السلام:
لاَ یَتْرُکُ اَلنَّاسُ شَیْئاً مِنْ أَمْرِ دِینِهِمْ لاِسْتِصْلاَحِ دُنْیَاهُمْ إِلاَّ فَتَحَ اَللَّهُ عَلَیْهِمْ مَا هُوَ أَضَرُّ مِنْهُ
अमीरुल मोमिनीन अलैहिस्सलाम ने फरमाया:
"लोग अपने दीन (धर्म) के किसी मामले को दुनिया के सुधार के लिए हरगिज़ न छोड़ें, वरना अल्लाह उन पर वह (मुसीबत) खोल देगा जो उस (दुनियावी फायदे) से कहीं ज़्यादा हानिकारक होगी।"
नहजुल बलाग़ा, हिकमत नंबर 106
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