हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत हयातुल इमाम हुसैन किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:
امام حسین علیهالسلام:
إِنَّ حُبَّنَا لَتُسَاقِطُ الذُّنُوبَ کَمَا تُسَاقِطُ الرِّیحُ الْوَرَقَ
इमाम हुसैन (अ) ने फ़रमाया:
“निस्संदेह हम अहले-बैत से मोहब्बत गुनाहो को इस प्रकार झाड़ देती है, जैसे हवा पेड़ों के पत्तों को गिरा देती है।”
हयातुल इमाम अल-हुसैन, भाग 1, पेज 156।
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