हौज़ा न्यूज़ एजेंसी निम्नलिखित रिवायत “मआनी अल-अख़बार” किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकरा हैः
امام رضا علیهالسلام:
رَحِمَ اللَّهُ عَبْداً أَحْیَا أَمْرَنَا... یَتَعَلَّمُ عُلُومَنَا وَیُعَلِّمُهَا النَّاسَ، فَإِنَّ النَّاسَ لَوْ عَلِمُوا مَحَاسِنَ کَلَامِنَا لَاتَّبَعُونَا.
इमाम रज़ा (अ) ने फ़रमाया:
“अल्लाह उस बंदे पर रहमत करे जो हमारे अम्र (विलायत) को ज़िंदा करे... जो हमारे ज्ञान को सीखे और उसे लोगों को सिखाए। क्योंकि अगर लोग हमारी बातों की अच्छाइयों को जान लेते, तो वे हमारी पैरवी करते।”
मआनी अल-अख़बार, पेज 180, हदीस 1।
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