हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत वसाइल उश शिया पुस्तक से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
رسول اکرم صلی الله علیه و آله و سلم:
فَوْقَ کُلِّ ذِی بِرٍّ بَرٌّ حَتَّی یُقْتَلَ اَلرَّجُلُ فِی سَبِیلِ اَللَّهِ فَإِذَا قُتِلَ فِی سَبِیلِ اَللَّهِ فَلَیْسَ فَوْقَهُ بِرٌّ.
पैग़ंबर हज़रत मुहम्मद (स) ने फरमाया:
"हर नेक काम से बढ़कर एक और नेक काम होता है, यहाँ तक कि कोई व्यक्ति अल्लाह की राह में अपनी जान कुर्बान कर दे। जब वह अल्लाह की राह में शहीद हो जाता है, तो उसके ऊपर कोई और भलाई या नेकी नहीं रहती।"
वसाइल उश शिया, भाग 11, पेज 10, हदीस 21।
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