पैगमबर (69)
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उलेमा और मराजा ए इकरामइस्लाम के ऐतिहासिक सिद्धांतों के राजनीतिक दुरुपयोग का विश्लेषण
दुश्मन के साथ बातचीत और समझौते को सही ठहराने के लिए “बैअते अक़बा” का हवाला देने से यह सवाल उठता है कि क्या एक धार्मिक बैअत और पैगंबर (स) के प्रति की गई प्रतिबद्धता की तुलना राजनीतिक बातचीत से…
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दिन की हदीसः
धार्मिकअल्लाह के डर से पाप छोड़ने का इनाम
हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स) ने एक हदीस में अल्लाह के डर से पाप छोड़ने के इनाम की ओर संकेत किया है।
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धार्मिकमुसलमानों से एक सवाल; 33 साल बनाम 3 साल, हदीसों में यह अंतर क्यों?
रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व आलेहि की हदीसें हमारे धर्म की महत्वपूर्ण पूंजी हैं। इसलिए इस्लाम के इतिहास को समझने वाले हर व्यक्ति के सामने एक सवाल जरूर आना चाहिए।
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धार्मिकअगर पैग़म्बरे अकरम (स) उम्मी थे, तो हज़रत ख़दीजा (स) ने अपने व्यापारिक काफ़िले का प्रबंधन उन्हें कैसे सौंपा?
“पैग़म्बर उम्मी थे”—इस कथन का वास्तव में क्या अर्थ है? अगर “उम्मी” का अर्थ पढ़ने-लिखने से अनजान होना माना जाए, तो पैग़म्बरे अकरम (स) के व्यापार और हज़रत ख़दीजा (स) द्वारा उन पर किए गए भरोसे का…
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धार्मिकइबादत, नैतिकता और शरई अहकाम को व्यवस्थित करने में ज्ञान की बुनियादी भूमिका
“तोहफ़ुल उक़ूल” नामक प्रसिद्ध किताब में वर्णित एक महत्वपूर्ण रिवायत के आधार पर ज्ञान को अल्लाह की पहचान, इबादत करने, शरई अहकाम को समझने और यहां तक कि सामाजिक संबंधों को मजबूत करने के लिए एक मूल…
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उलेमा और मराजा ए इकरामपैगंबर-ए-अकरम का नूर क़यामत तक इंसानों का मार्गदर्शन करता रहेगा: आयतुल्लाहिल उज़्मा सुब्हानी
आयतुल्लाहिल उज़्मा जाफ़र सुब्हानी ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहु अलैहि व आलेही वसल्लम वह नूर हैं, जिन्होंने पूरी मानवता को रोशन किया। आपके अस्तित्व का नूर हमेशा,…
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ईरानक़ुम अल मुक़द्देसा में जश्न-ए-सादेक़ैन का भव्य आयोजन, बड़ी संख्या में विद्वानों और छात्रों की भागीदारी
क़ुम अल मुक़द्देसा में 17 रबीउल अव्वल की रात हुसैनिया इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) में जश्न-ए-सादेक़ैन (अ) का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें हौज़ा इल्मिया के विद्वानों और छात्रों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओ…
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भारतभीकपुर, बिहार; एकता सप्ताह का कार्यक्रम अंतिम चरण में, हौज़ा इल्मिया आयतुल्लाह ख़ामेनेई में भव्य समारोह का आयोजन
हौज़ा इल्मिया आयतुल्लाह ख़ामेनेई में एकता सप्ताह के अवसर पर आयोजित कई दिनों का कार्यक्रम इस वर्ष भी पूरे उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इसमें विद्वानों, मद्दाहों और कवियों ने उम्मत की एकता,…
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धार्मिकइरहासात का पैगंबर-ए-अकरम (स) के जन्म से क्या संबंध है?
महान और सम्मानित पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद मुस्तफा (स) के जन्म के समय मूर्तियां अपने चेहरे के बल जमीन पर गिर पड़ीं... कोई ऐसा राजा नहीं रहा जिसकी बादशाहत का ताज उस दिन उलट न गया हो और जिसकी जुबान…
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दिन की हदीसः
धार्मिकछोटे अमल का बड़ा इनाम
इमाम जाफर सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में अल्लाह तआला की उस कृपा और बड़े इनाम की ओर संकेत किया है, जो वह अपने बंदों के छोटे और सच्ची नीयत से किए गए कार्यों के बदले देता है।
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धार्मिकधार्मिक सीमाओं की रक्षा से लेकर सामाजिक नैतिकता तक अहलेबैत (अ) की शिक्षाओं में एकता
अहलेबैत (अ) की शिक्षाओं में एकता का मतलब धार्मिक विश्वासों की सीमाओं को नज़रअंदाज़ करना या वैचारिक मतभेदों पर चुप रहना नहीं है। बल्कि इसका मतलब इस्लामी समाज की रक्षा करना, मतभेदों को दुश्मनी…
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दिन की हदीसः
धार्मिकसच्चे शिया की पहचान
रसूले ख़ुदा (स) ने एक रिवायत में सच्चे शिया की पहचान और विशेषताओं का उल्लेख किया है।
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उलेमा और मराजा ए इकरामक़यामत के दिन पैग़म्बर ए अकरम (स) के दीदार से वंचित रहने वाले तीन समूह
हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन उस्ताद फ़रहज़ाद ने पैग़म्बर ए अकरम (स) की एक रिवायत की व्याख्या करते हुए बताया कि क़यामत के दिन तीन प्रकार के लोग उनके नूरानी चेहरे और सुंदर स्वरूप के दीदार से वंचित…
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दिन की हदीसः
धार्मिकपैग़म्बर (स) की सीरत में नमाज़ की अहमियत
अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) एक रिवायत में नमाज़ की अहमियत और पैग़म्बर ए अकरम (स) की सीरत में इसके विशेष स्थान की ओर संकेत करते हैं।
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दुनियाइस्लामी एकता ही उम्मते इस्लाम की इज्जत और सफलता का रहस्य हैः सय्यद इब्राहीम खलील रिज़वी
हुज्जतुल इस्लाम सय्यद इब्राहीम खलील रिज़वी ने पैग़म्बरे इस्लाम (स) और इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) के शुभ जन्मदिवस तथा एकता सप्ताह के अवसर पर अपने संदेश में दुनिया भर के मुसलमानों को इन शुभ अवसरों की…
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ईरानदुश्मन के लिए ‘उम्मत-ए-अहमद’ का संदेश मुसलमानों की एकता और आपसी एकजुटता है: मौलवी याकूबी
सुन्नी धर्मगुरु मौलवी अलीरज़ा याकूबी ने ‘उम्मत-ए-अहमद’ समारोह के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इस्लामी उम्मत की एक विशेषता यह है कि वह समय की परिस्थितियों को देखते हुए पैगंबर हजरत मुहम्मद (स)…
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उलेमा और मराजा ए इकरामपैग़म्बर (स.) के बाद उम्मत में तफ़्सीर और फ़िक़्ह से जुड़ी कमियों को पूरा करने की क्षमता नहीं थीः आयतुल्लाह सुबहानी
हज़रत आयतुल्लाह सुब्हानी ने पैग़म्बरे अकरम (स) के बाद कुरआन की तफ़्सीर, धार्मिक अहकाम के बयान, लोगों के सवालों के जवाब देने और धर्म में नई बिदअतों को रोकने के क्षेत्र में पैदा होने वाली कमियों…
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ईरानरसूल अकरम (स) और हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) की आख़िरी बातचीत; शहीद रहबर ने आख़िरी बातचीत की हक़ीक़त बयान की
इस्लामी क्रांति के शहीद रहबर, हज़रत आयतुल्लाहिल अज़्मा इमाम ख़ामेनेईؒ ने फ़िक़्ह के ख़ारिज़ के पाठ की शुरुआत में रसूल अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि व हज़रत फ़ातिमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा के बीच…
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दुनियाइराक में विदेशी सेनाओं की मौजूदगी समाप्त करने का फ़ैसला सही है:सदरुद्दीन कब्बांची
नजफ़ अशरफ़ के इमामे जुमा हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सय्यद सदरुद्दीन क़ब्बांची ने इराक से अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की सेनाओं की वापसी के सरकारी फ़ैसले को इराक की संप्रभुता की रक्षा की दिशा में एक…
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ईरानरसूल खुदा (स) की वह दुआ, जिसे सुनकर उम्मे सलमा रो पड़ीं
शहीद उस्ताद मुर्तज़ा मुतहरी ने रसूले अकरम (स) की एक दुआ का उल्लेख करते हुए कहा है कि आप बंदगी के सर्वोच्च मक़ाम पर आसीन होने के बावजूद अल्लाह तआला से दुआ करते थे कि वह एक क्षण के लिए भी उन्हें…
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उलेमा और मराजा ए इकरामरसूले अकरम (स) की रेहलत का ग़म सभी मुसीबतों से बड़ा है: आयतुल्लाह जवाद आमोली
आयतुल्लाहिल अज़्मा जवाद आमोली ने अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम के कथन की रोशनी में रसूले अकरम (स) की रेहलत की अज़मत बयान करते हुए कहा है कि आपकी रेहलत उम्मत के लिए इतनी बड़ी मुसीबत थी…
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धार्मिकरसूले आज़म सल्लल्लाहु अलैहि व आलेहि वसल्लम
रसूले आज़म हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहु अलैहि व आलेहि वसल्लम की शहादत मानव इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक है। वह महान हस्ती दुनिया से विदा हुईं, जिनके माध्यम से इंसानियत ने तौहीद,…
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उलेमा और मराजा ए इकरामपैग़म्बरे इस्लाम समस्त सृष्टि के लिए फ़ैज़ का माध्यम हैं
हुज्जतुल इस्लाम नख़ावली ने सृष्टि व्यवस्था में पैग़म्बरे इस्लाम के नूरानी मक़ाम को स्पष्ट करते हुए कहा कि पैग़म्बरे इस्लाम केवल किसी विशेष ऐतिहासिक दौर में एक उम्मत के पैग़म्बर नहीं हैं, बल्कि…
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धार्मिक28 सफ़र की रात और दिन के आमाल; पैग़म्बरे इस्लाम और इमाम हसनؑ की ज़ियारत का तरीका
धार्मिक स्रोतों में 28 सफ़र के दिन आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ आमाल और आदाब बताए गए हैं। इनमें ग़ुस्ल, रोज़ा और «या शदीदल-क़ुवा» दुआ पढ़ने से लेकर पैग़म्बरे इस्लाम की ज़ियारत, नमाज़-ए-ज़िया…
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दिन की हदीस
धार्मिकबेटियों की महानता
पैगंबर-ए-अकरम (स) ने एक रिवायत में बेटियों की महानता और उच्च स्थान की ओर इशारा किया है।
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उलेमा और मराजा ए इकरामआयतुल्लाह अराफी का इराक में शहीद सुप्रीम लीडर के जनाजे में जनता की भरपूर भागीदारी पर खिराज-ए-तहसीन
इराक के शहर नजफ और कर्बला में शहीद सुप्रीम लीडर और काएद-ए-उम्मत आयतुल्लाहिल उज़्मा खामनेई (र) की शव यात्रा में जो अज़ीम मंज़र देखने को मिला, वह इराकी जनता के ईमान, इखलास, कुर्बानी और ईसार का…
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धार्मिकशहीद सुप्रीम लीडर की बंद मुठ्ठी का पैग़ाम; क़याम करना होगा!
वह गुलिस्ताँ जो कभी फूलों से महकता था, आज ख़ून की सुर्ख़ी में डूबा हुआ दिखाई देता है। अम्न का पैग़ाम, इस्तिक़ामत का जज़्बा, मज़लूमों की आवाज़ और उम्मत की ढाल, सब एक ऐसी अज़ीम शख़्सियत से वाबस्ता…
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धार्मिकसर्वोच्च भलाई और नेकी
पैग़ंबर हज़रत मुहम्मद (स) ने एक रिवायत में शहादत के महान महत्व का उल्लेख किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकहक़ीक़ी मोमिन की निशानियाँ
पैग़म्बर अकरम (स) ने एक रिवायत में सच्चे और हक़ीक़ी मोमिन की दो अहम विशेषताओं को बयान किया है।
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धार्मिकहज़रत ज़ैनब (स) के दुख पर आँसू बहाने का अज्र
इस्लाम के पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद (स) ने एक हदीस में हज़रत ज़ैनब (स) की विपत्तियों पर आँसू बहाने के अज्र का उल्लेख किया है।