हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, शहीद सुप्रीम लीडर (र) की शव यात्रा और विदाई के समारोह लगातार 6 दिनों तक ईरान और इराक के पाँच शहरों तेहरान, क़ुम, नजफ़, कर्बला और मशहद में आयोजित हुए।
इन समारोहों में जनता की असाधारण और ऐतिहासिक भागीदारी के कारण उन्हें दुनिया के इतिहास के सबसे बड़े जनाज़ा समारोह के रूप में माना जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार तेहरान में तीन दिन (दो दिन विदाई समारोह और एक दिन शव यात्रा) जबकि क़ुम, नजफ़, कर्बला और मशहद में एक-एक दिन समारोह चले। विभिन्न शहरों में जनता की निरंतर भागीदारी के कारण यह ऐतिहासिक जमावड़ा जनसहभागिता का अनोखा नमूना बन गया।
कुल मिलाकर 4 करोड़ 10 लाख से 4 करोड़ 30 लाख लोगों ने इन समारोहों में भाग लिया। ये आँकड़े सार्वजनिक परिवहन के रिकॉर्ड, समारोह स्थलों पर सक्रिय मोबाइल फोनों के आँकड़ों, प्रतिभागियों के औसत ठहराव की अवधि, तेहरान में शव यात्रा के मार्ग पर भीड़ की संख्या, क़ुम में मस्जिद-ए-जमकरान से हज़रत मासूमा (स) के हरम तक के क्षेत्र का अनुमान, मशहद में हवाई अड्डे से इमाम रज़ा (अ) के हरम तक के मार्ग के आँकड़े और अन्य क्षेत्रीय साक्ष्यों के आधार पर तैयार किए गए हैं।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इराकी प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भी नजफ़ और कर्बला में आयोजित शव यात्रा में लगभग एक करोड़ लोगों की भागीदारी की आधिकारिक पुष्टि की गई, जिसे कुल अनुमान का एक स्थायी और विश्वसनीय हिस्सा माना गया है।
संबंधित संस्थाओं ने संयुक्त क्षेत्रीय और आधिकारिक आँकड़ों के आधार पर इस बात पर जोर दिया है कि अत्यंत सतर्क अनुमानों के अनुसार भी शहीद सुप्रीम लीडर (र) की शव यात्रा पिछली एक सदी के सभी बड़े जनाज़ा समारोहों से अधिक रहे और निश्चित रूप से उन्हें मानव इतिहास के सबसे बड़े जनाज़ा समारोह के रूप में वर्णित किया जा सकता है।
आपकी टिप्पणी