गुरुवार 9 जुलाई 2026 - 18:34
आयतुल्लाह अराफी का इराक में शहीद सुप्रीम लीडर के जनाजे में जनता की भरपूर भागीदारी पर खिराज-ए-तहसीन

इराक के शहर नजफ और कर्बला में शहीद सुप्रीम लीडर और काएद-ए-उम्मत आयतुल्लाहिल उज़्मा खामनेई (र) की शव यात्रा में जो अज़ीम मंज़र देखने को मिला, वह इराकी जनता के ईमान, इखलास, कुर्बानी और ईसार का साफ़ सुबूत था।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इराक में शहीद सुप्रीम लीडर की ऐतिहासिक शव याक्षा पर आयतुल्लाह अली रज़ा अराफी के पैग़ाम का पाठ निम्नलिखित है:

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्राहीम
مِّنَ ٱلمُؤمِنِینَ رِجَالٌ صَدَقُواْ مَا عَاهَدُواْ ٱللَّهَ عَلَیهِ فَمِنهُم مَّن قَضَىٰ نَحبَهُۥ وَمِنهُم مَّن یَنتَظِرُ وَمَا بَدَّلُواْ تَبدِیلًا मोमिनों में से कुछ ऐसे हैं जिन्होंने अल्लाह से की गई अपनी प्रतिज्ञा को सच कर दिखाया, फिर उनमें से कुछ ने अपनी बलि दे दी, और कुछ प्रतीक्षा कर रहे हैं, और उन्होंने अपने वादे में कोई बदलाव नहीं किया।السلام علی الحسین، وعلی علی بن الحسین، وعلی اولاد الحسین، وعلی اصحاب الحسین علیہم السلام

इराक के शहर नजफ और कर्बला में शहीद सुप्रीम लीडर और काएद-ए-उम्मत इमाम खामनेई (र) की शव यात्रा में जो अज़ीम मंज़र देखने को मिला, वह इराकी जनता के ईमान, इखलास, कुर्बानी और ईसार की गहराई को ज़ाहिर करता है।

इराक के प्यारे अवाम, मुअज़्ज़िज़ क़बाइल, अलग-अलग वर्गो से संबंध रखने वाली महिलाए और पुरूष, मुजाहिद नौजवान, उलेमा, यूनिवर्सिटियों से वाबस्ता अफ़राद, इराक, लुबनान और दूसरे देशो के प्रतिरोधी मोर्चे, मुख़्तलिफ़ सामाजिक और सियासी जमातों, अलावा इसके इराक की हुकूमत, अवाम, नजफ और कर्बला के मुक़द्दस रोज़ों और ख़ुसूसन अल-हशद-अश-शाबी के तआवुन ने ईरान और इराक के दरमियान तारीख़ी और गहरे ताल्लुक़ात को नुमायाँ किया।

यह अज़ीम और बे-मिसाल वाक़िया इस्लामी उम्मत के इत्तिहाद की अलामत है, जो इलाही अहदाफ़, इस्तिकबारी ताक़तों से आज़ादी, अमरीकी तसल्लुत से नजात और इस्लामी सरज़मीनों ख़ुसूसन फ़लस्तीन को अमरीका और ग़ासिब सह्योनीयों के वुजूद से आज़ाद कराने के मक़सद के गिर्द जमा है।

यह नूरानी समारोह हज़रत अमीरुल मोमिनीन इमाम अली (अ), हज़रत इमाम हुसैन (अ), हज़रत अबुल फज़लिल अब्बास (अ), दीगर आइम्मा-ए-मासूमीन (अ) के मुक़द्दस रोज़ों और इराक के बुज़ुर्ग उलेमा व शुहदा के मज़ारात के तआवुन से मुनअक़िद हुई। यह इस्लामी समारोह, ईरान, इराक और महवर-ए-मुक़ावमत के दुश्मनों की बहुत सी साज़िशों को नाकाम बनाने वाली और इस्लामी बेदारी, उम्मत-ए-मुस्लिमा की आलमी तहरीक, इस्लामी और ख़ुदमुख़्तार निज़ाम के क़ियाम, अलावा इसके इस्तिमार और इस्तिकबार से नजात के लिए नए हालात पैदा करने वाली साबित होगी। इंशाअल्लाह, अल्लाह तआला की मदद और हज़रत वली-ए-असर (अ) की इनायत से इसके आसार दरपा और मुस्तहकम होंगे।

इस अज़ीम नेअमत और इराक, महज़-ए-मुक़ावमत और ख़ित्ते की क़ौमों की इस अज़ीम बेदारी पर हमें अल्लाह तआला का शुक्र अदा करना चाहिए। मैं इराकी अवाम, हुकूमत, ज़िम्मेदारान, महवर-ए-मुक़ावमत, ख़ित्ते की क़ौमों, इस अज़ीम तक़रीब में शरीक तमाम तबक़ात और गिरोहों, और अय्याम-ए-अज़ा-ए-इमाम हुसैन (अ) और इमाम सज्जाद (अ) के शहादत के दिनो में इस शव यात्रा के आयोजन में शरीक तमाम अफ़राद का शुक्रिया अदा करता हूँ।

मैं ख़ुसूसन अतबात-ए-आलियात के ज़िम्मेदारान, बुज़ुर्ग उलेमा, हौज़ा-ए-इल्मिया नजफ-ए-अशरफ के असातिज़ा, ईरानी, इराकी और दीगर मुल्कों के तलबा व फुज़ला, हौज़ा-ए-इल्मिया क़ुम के उलेमा, जामेआ-ए-मुदर्रिसीन, शूराय-ए-आली हौज़ा हाए इल्मिया, आली हौज़वी इदारों और बिल-ख़ुसूस नजफ-ए-अशरफ के मरजा-ए-आला का दिली शुक्रिया अदा करता हूँ।

उम्मीद है कि नजफ-ए-अशरफ और क़ुम-ए-मुक़द्दसा के मराजे की रहनुमाई में नजफ और क़ुम के तारीख़ी हौज़ों के ताल्लुक़ात, मुस्लिम क़ौमों, महवर-ए-मुक़ावमत और ईरान व इराक के दरमियान रवाबित मज़ीद मज़बूत होंगे, इस्लामी तहज़ीब-ए-नौ की तश्कील की तरफ़ पेशरफ़्त तेज़ होगी और हज़रत हुज्जत (अ) के ज़हूर की राह हमवार होगी। इसी तरह अरबईन-ए-हुसैनी के दौरान दोनों मुल्कों की बाहमी मुहब्बत, तआवुन और दुश्मन के मुक़ाबिले में इत्तिहाद एक नए तारीख़ी बाब का आग़ाज़ करेगा।

मुझे पूरा यक़ीन है कि वली-ए-फ़क़ीह और इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर, मुस्लिम क़ौमों, ईरान व इराक की मिल्लतों और प्रतिरोध की कुर्बानियों की बरकत से शैतानी ताक़तों का ज़वाल और इस्लाम की ताक़त का उरूज देखने को मिलेगा, और ईरान, इराक और पूरी दुनिया में उम्मत-ए-मुस्लिमा कामयाबी हासिल करेगी। हम सब हौज़ा हाए इल्मिया और मुस्लिम क़ौमों, औलिया-ए-इलाही, अज़ीम शुहदा, उलेमा-ए-दीन, मराजे-ए-इज़ाम, इमाम खुमैनी (रह.), शहीद रहबर इमाम खामनेई (रह.) और रहबर-ए-मोअज़्ज़म-ए-इंक़लाब से किए गए अपने अहद पर साबित-क़दम रहेंगे।

अली रज़ा अराफी
हौज़ा हाए इल्मी ईरान के प्रमुख

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha