हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , मरकज़ी प्रांत में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि आयतुल्लाह दरी नजफ़आबादी ने ईरान के विरुद्ध अमेरिका की हालिया कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि अपमानजनक हरकतों का कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस्लामी व्यवस्था को मज़बूत करना, अन्याय को समाप्त करना और भ्रष्टाचार से लड़ना क्रांतिकारी शक्तियों की मुख्य जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि अपशब्द कहना और क्रांतिकारी नारों में अंतर है। उनके अनुसार, "अमेरिका मुर्दाबाद" और "ट्रंप मुर्दाबाद" जैसे नारे इस्लामी व्यवस्था के आदर्शों का हिस्सा हैं और इन पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
अपने संबोधन के दूसरे भाग में आयतुल्लाह दरी नजफ़आबादी ने हदीसों का हवाला देते हुए राज़दारी (गोपनीयता बनाए रखने) के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि मिसाइलों की संख्या, उनकी क्षमता या ईंधन जैसी सैन्य जानकारी सार्वजनिक करना दुश्मन को महत्वपूर्ण सूचनाएँ उपलब्ध कराता है। इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े रहस्यों की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने हाल के लक्षित हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि गोपनीयता का पूरी तरह पालन किया जाता, तो इतने वरिष्ठ अधिकारियों और सैन्य हस्तियों को नहीं खोना पड़ता। उनके अनुसार, घुसपैठिए और जासूस इसी प्रकार की लापरवाही का लाभ उठाते हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि दुश्मन की साज़िशों का मुकाबला करने के लिए देश की व्यवस्था को मज़बूत करना, जनता में जागरूकता बढ़ाना और हर स्तर पर सतर्क रहना समय की आवश्यकता है।
आपकी टिप्पणी