हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस रिवायत को "गेरारूल हिकम" पुस्तक से लिया गया है। इस कथन का पाठ इस प्रकार है:
:قال الامام العلی علیہ السلام
اِصْبِرْ عَلى مَرارَةِ الْحَقِّ وَ ايّاكَ اَنْ تَنْخَدِعَ لِحَلاوَةِ الباطِلِ
हज़रत इमाम अली अलैहिस्लाम ने फरमाया:
सत्य की कड़वाहट को धैर्यपूर्वक सहन करो, और सावधान रहो कि कहीं असत्य की मीठी चमक तुम्हें धोखे में न डाल दे।
गेरारूल हिकम,हदीस नं 2472
आपकी टिप्पणी