हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामिक मूवमेंट ऑफ़ नाइजीरिया के नेता शेख़ इब्राहीम ज़कज़ाकी ने अबुजा में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस्लामिक वोकेशनल ट्रेनिंग (आईवीसी) कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी ऐसे ज्ञान को प्राप्त करने की कोशिश करें, जो उनके लिए, उनके धर्म और समाज के लिए उपयोगी हो।
उन्होंने अपने संबोधन मे आईवीसी कार्यक्रम को बच्चों और युवाओं के प्रशिक्षण और तैयारी का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया और कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल स्कूली शिक्षा देना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की सोच और विचारों को भी सही दिशा देना है, ताकि वे सही तरीके से सोच सकें और धर्म को सही रूप से जान और समझ सकें।
शेख़ ज़कज़ाकी ने बच्चों की वैचारिक तरबीयत के महत्व की ओर इशारा करते हुए कहा कि मानव मस्तिष्क को सही और रचनात्मक विचारों के माध्यम से जीवंत और सक्रिय रखना ज़रूरी है। इसलिए विद्यार्थियों को चाहिए कि वे युवावस्था से ही ज्ञान प्राप्त करें और अपनी बौद्धिक क्षमताओं को मजबूत बनाने के लिए इसका भरपूर लाभ उठाएं।

इस्लामिक मूवमेंट ऑफ़ नाइजीरिया के नेता ने ज्ञान प्राप्त करने में नीयत के महत्व पर भी ज़ोर दिया और विद्यार्थियों से कहा कि वे अल्लाह की प्रसन्नता और समाज की सेवा के लिए ज्ञान हासिल करें।
उन्होंने कहा कि दुनिया और आख़िरत में इंसान के लिए लाभदायक और समाज के लिए उपयोगी कोई भी ज्ञान अगर अल्लाह की प्रसन्नता की नीयत से प्राप्त किया जाए, तो वह इबादत माना जाता है। उन्होंने चिकित्सा और स्वास्थ्य, कृषि, विज्ञान, परिवहन और दूसरे उपयोगी क्षेत्रों के ज्ञान को इसके उदाहरण के रूप में बताया।
शेख़ ज़कज़ाकी ने इस्लामी गणराज्य ईरान का उदाहरण देते हुए ज्ञान और शिक्षा को उसकी प्रगति और वर्तमान परिस्थितियों में उसकी शक्ति का एक महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि ज्ञान और शिक्षा ने ईरान को मौजूदा चुनौतियों का सामना करने और दृढ़ता दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने अंत में विद्यार्थियों को अपने और समाज के लिए उपयोगी ज्ञान प्राप्त करने के लिए और अधिक प्रयास करने की प्रेरणा दी। उन्होंने समाज के सामने मौजूद समस्याओं और आवश्यकताओं के समाधान खोजने के लिए ज्ञान से लाभ उठाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।





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