हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़िर क़ालिबाफ ने कहा है कि ईरान और चीन के बीच रणनीतिक संबंधों को किसी तीसरे देश की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने चीन द्वारा ईरान के खिलाफ अमेरिका की नई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई को खारिज किए जाने का स्वागत किया।
क़ालिबाफ ने अपने एक्स अकाउंट पर कहा कि चीन द्वारा ईरान के खिलाफ अमेरिका के हालिया प्रतिबंधों को अस्वीकार करना दर्शाता है कि दोनों सहयोगी देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी किसी की अनुमति की मोहताज नहीं है।उन्होंने कहा कि ईरान और चीन मार्च 2021 में हुए 25 वर्षीय सहयोग समझौते के आधार पर अपने संबंधों को और मजबूत करते रहेंगे।
क़ालिबाफ के अनुसार, दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी आपसी सम्मान, पारस्परिक लाभ वाले सहयोग और बहुध्रुवीय विश्व की साझा सोच पर आधारित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन संबंधों के लिए किसी बाहरी शक्ति की अनुमति आवश्यक नहीं है।
रिपोर्ट के अनुसार, क़ालिबाफ का यह बयान चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के बयान के एक दिन बाद आया। प्रवक्ता ने कहा था कि अमेरिका द्वारा ईरान पर तथाकथित “डी-डे” आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा के बाद चीन अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि ईरान के साथ चीन का सहयोग अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप है और बीजिंग ऐसे प्रतिबंधों का कड़ा विरोध करता है, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अनुमति प्राप्त नहीं है।
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