गुरुवार 27 अगस्त 2026 - 14:49
ईरान के साथ परमाणु बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति, समाधान की उम्मीद बढ़ी

हौज़ा / अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने कहा है कि, ईरान के साथ हालिया परमाणु संपर्कों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उनके अनुसार, बातचीत के दौरान उन प्रमुख परमाणु मुद्दों और क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है, जिन पर आगे आपसी सहयोग और बातचीत के जरिए समाधान तलाशा जा सकता है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने कहा है कि, ईरान के साथ हालिया परमाणु संपर्कों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उनके अनुसार, बातचीत के दौरान उन प्रमुख परमाणु मुद्दों और क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है, जिन पर आगे आपसी सहयोग और बातचीत के जरिए समाधान तलाशा जा सकता है।

ग्रॉसी ने यह बात वॉशिंगटन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। उन्होंने बताया कि यह प्रगति अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर तथा ईरानी प्रतिनिधियों के बीच हुए हालिया संपर्कों के दौरान सामने आई है।

IAEA प्रमुख ने उम्मीद जताई कि बातचीत आगे बढ़ेगी और जल्द ही मौजूदा परमाणु विवाद के इस अध्याय को समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच सहयोग के लिए आवश्यक मुद्दों की पहचान किया जाना अपने आप में एक सकारात्मक कदम है।

हालांकि, ग्रॉसी ने यह भी कहा कि, ईरान के पास लगभग 440 किलोग्राम उच्च संवर्धित यूरेनियम अब भी मौजूद है। दूसरी ओर, ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसके परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की जल्दबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी।

ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने कहा है कि हालिया सैन्य हमलों में क्षतिग्रस्त हुए परमाणु केंद्रों का निरीक्षण केवल ईरानी कानून के तहत और आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों के साथ ही किया जा सकता है। इसके लिए ईरानी संसद की मंजूरी और स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार करना जरूरी होगा।इस्लामी ने मौजूदा परिस्थितियों में परमाणु केंद्रों के निरीक्षण की मांग को “स्वीकार्य नहीं” बताया है।

ईरान का रुख है कि उसके परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और निरीक्षण से जुड़े फैसले बाहरी दबाव के बजाय देश के कानून, राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभु अधिकारों को ध्यान में रखते हुए किए जाने चाहिए। ऐसे में ग्रॉसी द्वारा बातचीत में प्रगति की बात किया जाना इस संकेत के रूप में देखा जा सकता है कि परमाणु मुद्दे का समाधान टकराव के बजाय बातचीत और कूटनीति के माध्यम से तलाशने की संभावना बनी हुई है।

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