गुरुवार 10 सितंबर 2026 - 13:20
ईरान में कुरआन मजीद के 1 करोड़ हाफिज तैयार करने की योजना

ईरान के राष्ट्रीय प्रसारण संस्थान के उप प्रमुख अहमद पहलवानियान ने कुरआन मजीद के प्रमुख शिक्षकों की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कुरआन की शिक्षा और उसके प्रचार-प्रसार के लिए सभी संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि कुरआन मजीद के 10 मिलियन (1 करोड़) हाफिज तैयार करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी उपलब्ध क्षमताओं का पूरी तरह उपयोग करना जरूरी है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के राष्ट्रीय प्रसारण संस्थान के उप प्रमुख अहमद पहलवानियान ने कुरआन मजीद के प्रमुख शिक्षकों की एक बैठक में कहा कि कुरआन की शिक्षा और उसके प्रचार-प्रसार के लिए सभी संस्थाओं को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुरआन मजीद के 10 मिलियन (1 करोड़) हाफिज तैयार करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी उपलब्ध क्षमताओं का भरपूर उपयोग करना जरूरी है।

अहमद पहलवानियान ने कहा कि रेडियो कुरआन को केवल कार्यक्रम प्रसारित करने वाले माध्यम के रूप में नहीं, बल्कि कुरआन के प्रचार और शिक्षा के क्षेत्र में एक सक्रिय और प्रभावी संस्था के रूप में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। इसके लिए प्रभावी सामग्री तैयार करने, समाज में कुरआनी गतिविधियों को बढ़ावा देने और कुरआन मजीद के प्रमुख शिक्षकों तथा विशेषज्ञों की क्षमताओं से लाभ उठाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि रेडियो कुरआन के लिए एक सलाहकार परिषद बनाई जानी चाहिए, जिसमें प्रमुख कुरआनी शिक्षक और विशेषज्ञ शामिल हों। इससे उनकी सलाह के आधार पर इस प्रसारण संस्था के भविष्य की बेहतर योजना बनाई जा सकेगी।

पहलवानियान ने रेडियो कुरआन, रेडियो तर्तील और रेडियो तिलावत जैसे विशेष कुरआनी माध्यमों को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और बदलते हुए संचार माध्यमों को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ना होगा।

उन्होंने कहा कि कुरआन के प्रचार-प्रसार के लिए काम करने वाली सभी संस्थाओं को आपसी सहयोग के साथ आगे बढ़ना चाहिए और रेडियो कुरआन इन संस्थाओं के बीच सहयोग का केंद्र बन सकता है।

अंत में उन्होंने कुरआन के एक करोड़ हाफिज तैयार करने की योजना पर जोर देते हुए कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी संस्थाओं को अपनी क्षमताओं का उपयोग करना चाहिए। साथ ही, रेडियो कुरआन को प्रभावी सामग्री तैयार करने, मीडिया के माध्यम से जागरूकता फैलाने और कुरआनी विशेषज्ञों की सहायता से इस अभियान में नेतृत्वकारी भूमिका निभानी चाहिए।

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