हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,ईरान के राष्ट्रपति मसूद पिज़ेश्कियान ने कहा है कि, ईरान किसी भी आक्रामकता के सामने झुकने के बजाय अपनी पूरी ताक़त के साथ अपना बचाव जारी रखेगा। उनका कहना है कि, प्रतिरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक हमलावर अपने कार्यों पर पछतावा नहीं करता और ईरानी जनता के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती।
ईरानी राष्ट्रपति ने ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में कहा कि, ईरान युद्ध नहीं चाहता और क्षेत्र में शांति तथा स्थिरता को महत्वपूर्ण मानता है। हालांकि, उनके अनुसार, देश पर थोपी गई आक्रामकता का मुकाबला करना ईरान का अधिकार है और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
पेज़ेश्कियान ने कहा कि ईरान ने हमेशा जनहित और क्षेत्रीय शांति को प्राथमिकता दी है, लेकिन जब उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाती है तो वह अपने बचाव के लिए पूरी ताक़त इस्तेमाल करने की क्षमता रखता है।
ईरानी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के मुद्दे पर तनाव कम होने के बजाय लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच हालिया सैन्य कार्रवाइयों के बाद क्षेत्र में और अधिक टकराव की आशंका जताई जा रही है।
ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका पर ‘आर्थिक युद्ध’ थोपने की धमकी देते हुए दावा किया है कि ईरानी बलों ने अमेरिकी नौसैनिक जहाजों के खिलाफ आधुनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। अमेरिका की ओर से ईरानी ठिकानों पर हमलों और ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बाद दोनों पक्षों की ओर से कड़े बयान सामने आए हैं।
तेहरान की ओर से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात के लिए नए इंतज़ाम करने और नए नो-फ्लाई ज़ोन से संबंधित योजना का संकेत दिया गया है। हालांकि, इन क़दमों का विवरण और इन्हें लागू करने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं की गई है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे विवाद के संदर्भ में तेल की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आने का अनुमान जताया है।
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