हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,लेबनान की संसद में हिज़्बुल्लाह से जुड़े सदस्य हुसैन अल-हाज हसन ने दुश्मन की योजनाओं के मुकाबले प्रतिरोध जारी रखने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि तमाम दबावों के बावजूद हिज़्बुल्लाह हथियार डालने के बजाय प्रतिरोध और दृढ़ता का रास्ता जारी रखेगा।
हुसैन अल-हाज हसन ने कहा कि हिज़्बुल्लाह के लिए आत्मसमर्पण का कोई विकल्प मौजूद नहीं है और वह तमाम दबावों के बावजूद प्रतिरोध और दृढ़ता जारी रखेगा।
उन्होंने कहा,आत्मसमर्पण हमारी शब्दावली में शामिल नहीं है और हम दुश्मन की योजनाओं के सामने प्रतिरोध जारी रखने और अपने रुख पर कायम रहने के इच्छुक हैं।
उन्होंने ईरान के साथ हिज़्बुल्लाह के गठबंधन पर भी गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि हिज़्बुल्लाह को ईरान के साथ अपने गठबंधन और उसकी शक्ति पर भरोसा करने पर गर्व है। उन्होंने कहा कि ईरान हिज़्बुल्लाह का समर्थन जारी रखेगा।
हिज़्बुल्लाह के प्रतिनिधि ने आगे कहा कि प्रतिरोध ने हिज़्बुल्लाह को खत्म करने की योजना को विफल कर दिया है। उनके अनुसार, लेबनान की सरकार द्वारा अपनी जिम्मेदारियों को पूरा न किए जाने के बाद हिज़्बुल्लाह ने वर्ष 2026 में युद्ध में भाग लिया, इसके बावजूद हिज़्बुल्लाह आज भी शक्तिशाली है।
अल-हाज हसन ने कहा कि हिज़्बुल्लाह की शक्ति का एक प्रमाण यह है कि अमेरिका, इज़राइल और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं लेबनान के मामले पर लगातार ध्यान दे रही हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि तमाम राजनीतिक, सैन्य और अंतरराष्ट्रीय दबावों के बावजूद हिज़्बुल्लाह प्रतिरोध और अपने रुख पर कायम रहेगा।
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