हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, आयतुल्लाहिल उज़्मा शुबैर ज़ंजानी के निधन पर भारत के भावनगर गुजरात के इमाम ए जुमा ने शोक संदेश जारी किया है उनके शोक संदेश का पाठ इस प्रकार हैः
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
इन्ना लिल्लाहे व इन्ना इलैहे राजेऊन
अत्यंत दुख और शोक के साथ शिया जगत के महान फ़क़ीह, वरिष्ठ मरजा-ए-तक़लीद, हौज़ा ए इल्मिया क़ुम के प्रमुख विद्वान और प्रतिष्ठित शिक्षक, हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद मूसा शुबैरी ज़ंजानी के निधन की दुखद खबर प्राप्त हुई।
हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा शुबैरी ज़ंजानी ने अपने लगभग एक सदी लंबे जीवन को ज्ञान और फ़िक़्ह, शोध और अध्यापन, छात्रों के प्रशिक्षण, अहलेबैत (अ) की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार और दीन की सेवा में बिताया। वे फ़िक़्ह और उसूल के गहन शोधकर्ता, स्वतंत्र विचार रखने वाले फ़क़ीह, प्रतिष्ठित शिक्षक और मरजा-ए-तक़लीद के रूप में शिया जगत में एक विशिष्ट स्थान रखते थे। उनकी गहरी विद्वता के साथ तक़वा, ज़ुह्द, विनम्रता, उच्च नैतिकता और सादगी भी उनके व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताएं थीं।
उनका निधन केवल एक महान फ़क़ीह और मरजा-ए-तक़लीद का निधन नहीं है, बल्कि इस्लामी जगत, हौज़ात ए इल्मिया और अहलेबैत (अ) के मक्तब के लिए एक बड़ी शैक्षिक और आध्यात्मिक क्षति है। उनकी विद्वतापूर्ण सेवाएं, फ़िक़्ही शोध, छात्रों का प्रशिक्षण और लगभग एक सदी तक जारी उनकी धार्मिक सेवाएं लंबे समय तक विद्वानों के लिए गौरव और मार्गदर्शन का स्रोत बनी रहेंगी।
हम इस दुखद घटना पर हज़रत वली-ए-अस्र इमाम महदी (अ), वरिष्ठ मराजेअ ए इकराम, हौज़ात ए इल्मिया, विद्वानों और बुद्धिजीवियों, उनके शिष्यों और श्रद्धालुओं तथा विशेष रूप से उनके परिजनों के प्रति हृदय की गहराइयों से संवेदना और शोक व्यक्त करते हैं।
बारगाह-ए-इलाही में दुआ है कि अल्लाह तआला उनकी तमाम विद्वतापूर्ण, धार्मिक और निष्ठापूर्ण सेवाओं को स्वीकार करे, उनके दर्जे को बुलंद करे, उन्हें हज़रत मुहम्मद (स) और उनके पवित्र अहलेबैत (अ) की रहमत के साये में स्थान प्रदान करे तथा सभी शोकाकुल लोगों को धैर्य और उत्तम प्रतिफल प्रदान करे।
सय्यद तहक़ीक़ हुसैन रिज़वी
इमामे जुमा व जमाअत, भावनगर, गुजरात, भारत
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