हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, संस्था तंज़ीमुल मकातिब लखनऊ के सचिव हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन मौलाना सैयद सफ़ी हैदर के शोक संदेश का पाठ इस प्रकार है:
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
इन्ना लिल्लाहे व इन्ना इलैहे राजेऊन
«إِذَا مَاتَ الْعَالِمُ ثُلِمَ فِي الْإِسْلَامِ ثُلْمَةٌ لَا يَسُدُّهَا شَيْءٌ»
जब कोई आलिम दुनिया से चला जाता है तो इस्लाम में ऐसी कमी पैदा हो जाती है, जिसकी भरपाई कोई चीज़ नहीं कर सकती।
महान मरजए तक़लीद, अहलेबैत (अ) के फ़क़ीह, रब्बानी आलिम हज़रत आयतुल्लाह अज़्मी सैयद मूसा शुबैरी ज़ंजानी के दुखद निधन की खबर से शिया जगत, विशेष रूप से हौज़ा-ए-इल्मिया और ज्ञान तथा विद्वता से जुड़े लोग शोकाकुल हैं।
उन्होंने अपना पूरा जीवन ज्ञान और फ़िक़्ह, शोध और अध्यापन, इस्लामी शिक्षाओं और मक्तब-ए-अहलेबैत (अ) के प्रचार-प्रसार तथा धार्मिक छात्रों के प्रशिक्षण में बिताया। उन्होंने फ़िक़्ह, उसूल, हदीस और इल्म-ए-रिजाल के क्षेत्र में बहुमूल्य वैज्ञानिक और शैक्षिक सेवाएँ प्रदान कीं तथा कई दशकों तक हौज़ा-ए-इल्मिया क़ुम के विद्वानों को अपने ज्ञान से लाभान्वित किया।
उनके प्रमुख शिक्षकों में आयतुल्लाह अज़्मी आका सैयद हुसैन बुरुजर्दी, आयतुल्लाह अज़्मी आका सैयद मोहसिन हकीम, आयतुल्लाह अज़्मी आका सैयद अबुल क़ासिम ख़ुई और आयतुल्लाह अज़्मी शैख़ अब्दुल करीम हायरी रिज़वानुल्लाहि अलैहिम अजमईन जैसी महान फ़िक़्ह और विद्वता की हस्तियों के नाम प्रमुख हैं।
इस महान विद्वान और प्रतिष्ठित मरजए तक़लीद का निधन शिया जगत के लिए एक बहुत बड़ा सदमा है।
हम इस दुखद अवसर पर हज़रत बक़ीयतुल्लाहिल आज़म अज्जलल्लाहु तआला फ़रजहुश्शरीफ़, मराजेए किराम, प्रतिष्ठित उलमा, हौज़ा-ए-इल्मिया, सभी परिजनों और शोकाकुल लोगों की सेवा में संवेदना व्यक्त करते हैं।
अल्लाह तआला आयतुल्लाह अज़्मी शुबैरी ज़ंजानी को इमामों-ए-मासूमीन अलैहिमुस्सलाम के निकट उच्च स्थान प्रदान करे, उनकी इल्मी और दीनी सेवाओं को स्वीकार करे और उनके परिजनों तथा संबंधित लोगों को धैर्य और भरपूर प्रतिफल प्रदान करे।
वस्सलाम!
सैयद सफ़ी हैदर
सचिव, तंज़ीमुल मकातिब
लखनऊ
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