बुधवार 30 सितंबर 2026 - 07:13
फिलिस्तीन और लेबनान में अत्याचार अस्वीकार्य, पीड़ितों का समर्थन हर मुसलमान की जिम्मेदारी: अल्लामा मकसूद अली डोमकी

जैकबाबाद में उलेमा-ए-किराम, इमाम-ए-जुमा व जमाअत और प्रचारकों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अल्लामा मकसूद अली डोमकी ने कहा कि फिलिस्तीन और लेबनान में जारी अत्याचार अस्वीकार्य हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित फिलिस्तीनियों और लेबनानी जनता का समर्थन करना हर मुसलमान की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिया-सुन्नी एकता इस्लाम विरोधी ताकतों की साजिशों के खिलाफ मजबूत सुरक्षा कवच है और पाकिस्तान को कायद-ए-आजम और अल्लामा इकबाल के विचारों की रोशनी में मजबूत बनाया जाएगा।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जैकबाबाद स्थित जामिया अल-मुस्तफा खातमुन नबिय्यीन (स) में उलेमा-ए-किराम, इमाम-ए-जुमा व जमाअत और प्रचारकों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अल्लामा मकसूद अली डोमकी ने कहा कि पैगंबरों की धरती फिलिस्तीन में कब्जा करने वाले इजरायल की ओर से जारी अत्याचार और फिलिस्तीनी जनता के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई अस्वीकार्य है।

उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन और गाजा के पीड़ित मुसलमानों के साथ खड़ा होना और उनका भरपूर समर्थन करना हर जागरूक मुसलमान की दीनी और मानवीय जिम्मेदारी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को फिलिस्तीनी जनता के खिलाफ जारी अत्याचारों का संज्ञान लेना चाहिए और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा, मानवीय सहायता पहुंचाने तथा फिलिस्तीनी जनता के बुनियादी अधिकारों के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

फिलिस्तीन और लेबनान में अत्याचार अस्वीकार्य, पीड़ितों का समर्थन हर मुसलमान की जिम्मेदारी: अल्लामा मकसूद अली डोमकी

अल्लामा मकसूद अली डोमकी ने कहा कि कुछ मुस्लिम और अरब शासकों की ओर से उम्मत-ए-मुस्लिमा के सामूहिक हितों और फिलिस्तीन की पीड़ित जनता के साथ एकजुटता के बजाय इजरायल के साथ संबंधों को बढ़ावा देना चिंताजनक है। फिलिस्तीन के मुद्दे पर मुस्लिम दुनिया को आपसी एकता, साझा रुख और व्यावहारिक समर्थन का प्रदर्शन करना चाहिए।

उन्होंने लेबनान में इजरायली हमलों और बमबारी की भी निंदा करते हुए कहा कि लेबनानी जनता के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई और नागरिक आबादी को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। उन्होंने लेबनानी जनता और इजरायली हमलों का सामना करने वाले प्रतिरोध करने वालों के धैर्य, साहस और बलिदानों को श्रद्धांजलि दी।

अल्लामा मकसूद अली डोमकी ने कहा कि पाकिस्तान हमारे बुजुर्गों के महान बलिदानों के परिणामस्वरूप अस्तित्व में आया और इसे इस्लाम के नाम पर हासिल किया गया था। हमें कायद-ए-आजम मुहम्मद अली जिन्ना और हकीमुल उम्मत अल्लामा मुहम्मद इकबाल के विचारों और शिक्षाओं की रोशनी में देश के निर्माण, विकास, स्थिरता और खुशहाली के लिए अपना पूरा योगदान देना होगा।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सभी नागरिक, विशेष रूप से उलेमा, धार्मिक संस्थान और धार्मिक वर्ग देश में शांति, एकता, भाईचारा, सहिष्णुता, संविधान और कानून की सर्वोच्चता तथा राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाएं।

फिलिस्तीन और लेबनान में अत्याचार अस्वीकार्य, पीड़ितों का समर्थन हर मुसलमान की जिम्मेदारी: अल्लामा मकसूद अली डोमकी

अल्लामा मकसूद अली डोमकी ने सुन्नी भाइयों को एकता और भाईचारे का संदेश देते हुए कहा कि अहले सुन्नत हमारे भाई हैं और हमें उनसे दिली मोहब्बत और भाईचारा है। शिया और सुन्नी सदियों से इस क्षेत्र में मिल-जुलकर रहते आए हैं और इस्लाम, पाकिस्तान तथा उम्मत-ए-मुस्लिमा के साझा हितों के लिए एकजुट हैं।

उन्होंने कहा कि जो तत्व शिया और सुन्नी के बीच नफरत पैदा करना चाहते हैं, वे उम्मत-ए-मुस्लिमा को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। शिया-सुन्नी एकता, भाईचारे और आपसी सम्मान के माध्यम से इस्लाम विरोधी और साम्राज्यवादी ताकतों के मंसूबों को नाकाम किया जा सकता है।

उन्होंने उलेमा-ए-किराम से जोर देकर कहा कि वे अपने जुमा के खुत्बों और मजलिसों में उम्मत की एकता, इस्लामी भाईचारे, धर्मों के सम्मान और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा दें तथा लोगों को सांप्रदायिक नफरत से दूर रहने की सलाह दें।

फिलिस्तीन और लेबनान में अत्याचार अस्वीकार्य, पीड़ितों का समर्थन हर मुसलमान की जिम्मेदारी: अल्लामा मकसूद अली डोमकी

अल्लामा मकसूद अली डोमकी ने इस्लामी क्रांति के रहबर आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा खामेनेई के हालिया संदेश का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा हालात में यह संदेश अंधकार के बीच रोशनी की किरण की तरह है, जिसने पीड़ित जनता में नया जोश, उत्साह, संकल्प और हौसला पैदा किया है।

उन्होंने कहा कि हम रहबर-ए-इंकलाब के मार्गदर्शन और संदेश को सम्मान की दृष्टि से देखते हैं और सत्य, न्याय, पीड़ितों के समर्थन तथा इस्लामी एकता के मार्ग पर दृढ़ रहने का संकल्प व्यक्त करते हैं। शहीद रहबर से किए गए वादे को निभाते हुए हम सर्वोच्च रहबर के मार्गदर्शन में पीड़ितों के समर्थन और इस्लामी एकता के लिए अपनी भूमिका जारी रखेंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एमडब्ल्यूएम अज़ादारी विंग बलूचिस्तान के प्रांतीय अध्यक्ष अल्लामा सैयद जफर अब्बास शम्सी, शिया उलेमा काउंसिल बलूचिस्तान के प्रांतीय अध्यक्ष अल्लामा मुश्ताक हुसैन उमरानी, मजलिस-ए-उलेमा मक्तब-ए-अहलेबैत बलूचिस्तान के प्रांतीय अध्यक्ष अल्लामा जुल्फिकार अली सईदी, अल्लामा बरकत अली मुतहरी, अल्लामा तजम्मुल अब्बास जाफरी, अल्लामा सैफ अली डोमकी, अल्लामा अली नवाज इरफानी समेत 40 उलेमा-ए-किराम ने भाग लिया।

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