हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन वहीद हेदायती ने संदानज में हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के संवाददाता से बातचीत में कहा कि इस्लामी गणराज्य की व्यवस्था और इस्लामी क्रांति अपने इतिहास के बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रही हैं। दुश्मन विभिन्न माध्यमों का इस्तेमाल करके इस व्यवस्था को कमज़ोर और अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा हैं।
उन्होंने कहा कि आज विभिन्न वैश्विक शक्तियां ईरानी राष्ट्र और इस्लामी गणराज्य के खिलाफ लामबंद हैं और दबाव तथा मतभेद पैदा करके ईरान के संबंध में अपने उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।
इस हौज़ा शिक्षक ने अमेरिका और ज़ायोनी शासन की इस्लामी दुनिया के प्रति दुश्मनी के लंबे इतिहास की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस्लामी देशों और स्वतंत्र राष्ट्रों के प्रति उनकी दुश्मनी कोई नई बात नहीं है। इसलिए मुसलमानों को उनकी नीतियों और उद्देश्यों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
हुज्जतुल इस्लाम हेदायती ने आगे कहा कि इस्लामी दुनिया को दुश्मनों की साजिशों और योजनाओं को सही ढंग से समझना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मुसलमानों के बीच मौजूद मतभेद उनके उद्देश्यों की पूर्ति का माध्यम न बनें।
उन्होंने ज़ायोनी शासन की कार्रवाइयों के खिलाफ़ इस्लामी देशों की स्पष्ट स्थिति की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि मुस्लिम देशों को अपने रुख को स्पष्ट रूप से सामने रखना चाहिए और सहयोग व एकजुटता को मजबूत करके इस्लामी दुनिया की शक्ति और एकता का प्रदर्शन करना चाहिए।
शहीद फाउंडेशन में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि के कार्यालय के प्रभारी ने कहा कि दुश्मनों के मुकाबले मुसलमानों की एकता और एकजुटता एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक आवश्यकता है। इस्लामी उम्मत की एकजुटता को मजबूत करना दुश्मनों की साजिशों और फूट डालने की कोशिशों को रोकने में प्रभावी हो सकता है।
अंत में हुज्जतुल-इस्लाम हेदायती ने मुसलमानों के बीच एकता, जागरूकता और आपसी एकजुटता बनाए रखने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
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