शुक्रवार 2 अक्टूबर 2026 - 17:21
उत्तरी कश्मीर के अहमदपुरा में छात्राओं के लिए हौज़ा-ए-इल्मिया ज़ैनबिया का शिलान्यास

बारामूला जिले के पट्टन तहसील के ऐतिहासिक गांव अहमदपुरा में छात्राओं के लिए ‘हौज़ा-ए-इल्मिया ज़ैनबिया सलामुल्लाह अलैहा’ का शिलान्यास किया गया। यह समारोह हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना इफ्तिखार हुसैन अंसारी की 12वीं बरसी के अवसर पर आयोजित किया गया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस हौज़ा-ए-इल्मिया की स्थापना का उद्देश्य छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण धार्मिक, आधुनिक और व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करना तथा उन्हें समाज के निर्माण और विकास में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाना है।

शिलान्यास समारोह में प्रमुख विद्वानों और धार्मिक हस्तियों ने भाग लिया। इनमें आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली हुसैनी सीस्तानी के भारत में प्रतिनिधि एवं मुंबई की खोज़ा शिया इस्ना अशरी मस्जिद के इमाम-ए-जुमा हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सय्यद अहमद अली आबिदी तथा ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव और शिया कॉलेज लखनऊ के प्रशासक मौलाना मिर्ज़ा यासूब अब्बास शामिल थे।

समारोह को संबोधित करते हुए हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सय्यद अहमद अली आबिदी ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराने पर मौलवी इमरान अंसारी का आभार व्यक्त किया और लोगों से हौज़ा-ए-इल्मिया ज़ैनबिया के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि शिक्षा इस्लाम की बुनियादी शिक्षाओं में शामिल है और लड़कियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है, क्योंकि एक शिक्षित महिला आने वाली पीढ़ियों के पालन-पोषण और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने कहा कि ज्ञान और शिक्षा हमेशा से शिया समाज की प्रगति का महत्वपूर्ण माध्यम रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह संस्थान भी क्षेत्र की नई पीढ़ी को धार्मिक और शैक्षिक क्षेत्रों में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने हौज़ा-ए-इल्मिया ज़ैनबिया की सफलता के लिए दुआ भी की।

मौलाना मिर्ज़ा यासूब अब्बास ने कहा कि शिक्षा विकास की बुनियाद है और एक लड़की को शिक्षित करना वास्तव में पूरे परिवार और समाज को शिक्षित करने के समान है। उन्होंने हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा की सीरत का उल्लेख करते हुए कहा कि जागरूक और आध्यात्मिक रूप से प्रशिक्षित महिलाएं समाज के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने मौलवी इमरान अंसारी की धार्मिक और सामाजिक सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि वे मौलाना इफ्तिखार हुसैन अंसारी के शैक्षिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रस्तावित मदरसे के लिए अपने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि भविष्य में इसी स्थान पर इंजीनियरिंग शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना भी बनाई जाएगी।

मौलाना यासूब अब्बास ने प्रसिद्ध हदीस ‘अना मदी-नतुल इल्मि व अलीय्युन बाबुहा’ अर्थात ‘मैं ज्ञान का शहर हूं और अली उसके द्वार हैं’ का उल्लेख करते हुए इस्लाम में ज्ञान और शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया।

ऑल जम्मू-कश्मीर शिया एसोसिएशन के अध्यक्ष और जेकेपीसी के महासचिव मौलवी इमरान अंसारी ने कहा कि हौज़ा-ए-इल्मिया ज़ैनबिया की स्थापना एक दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है। इसके माध्यम से छात्राओं को धार्मिक, आधुनिक और व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाया जाएगा।

उन्होंने समारोह में शामिल होने वाले उलेमा, धार्मिक हस्तियों, ज़ाकिरों और समुदाय के लोगों का आभार व्यक्त किया।

समारोह में एजेकेएसए के महासचिव आबिद अंसारी के अलावा कई उलेमा, ज़ाकिर और ऑल जम्मू-कश्मीर शिया एसोसिएशन से जुड़े प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

समारोह के अंत में हौज़ा-ए-इल्मिया ज़ैनबिया सलामुल्लाह अलैहा की सफलता तथा हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना इफ्तिखार हुसैन अंसारी के दर्जे की बुलंदी के लिए दुआ की गई।

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