हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ के मुफ़्तीगंज स्थित हौज़ा इल्मिया ज़ैनबिया में आयोजित इस समापन समारोह में श्रद्धा, सम्मान और उत्साह का वातावरण रहा। एक महीने तक चले इस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को कुरआन मजीद की प्रभावी, सही और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए तैयार करना तथा समाज में कुरआनी शिक्षा के प्रसार के नए रास्ते खोलना था।

समारोह को संबोधित करते हुए हुज्जतुल इस्लाम मौलाना हसनैन बाक़री ने हौज़ा इल्मिया ज़ैनबिया में कुरआन की शिक्षा और अध्यापन के क्षेत्र में उठाए गए इस महत्वपूर्ण कदम पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाज में कुरआन मजीद की शिक्षा के लिए इस तरह के व्यवस्थित प्रयासों की कमी महसूस की जाती रही है। ऐसे में यहां छात्राओं को प्रशिक्षण देने और कुरआनी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों को देखकर खुशी और उम्मीद पैदा होती है।

उन्होंने इस अवसर पर मदरसे के संस्थापक मौलाना सैयद मुशर्रफ़ हुसैन को भी याद किया। साथ ही उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली छात्राएं इस महान उद्देश्य को आगे बढ़ाएंगी और कुरआन मजीद की शिक्षा को आम करने में प्रभावी भूमिका निभाएंगी।
कुरआन के शिक्षक हुज्जतुल इस्लाम डॉ. सैयद कर्रार अली जाफ़री ने अपने संबोधन में कहा कि यह समापन नहीं, बल्कि एक नए सफ़र की शुरुआत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पाठ्यक्रम से प्रशिक्षित छात्राएं भविष्य में कुरआन की शिक्षा और अध्यापन के क्षेत्र में अपनी ज़िम्मेदारियां निभाते हुए इस महत्वपूर्ण मिशन को और विस्तार देंगी।
उन्होंने मदरसों का ध्यान इस महत्वपूर्ण पहलू की ओर आकर्षित किया कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा से ही कुरआन मजीद को विशेष महत्व दिया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी इसे सही ढंग से पढ़ने, समझने और इसकी शिक्षाओं से जुड़ने का बोध हासिल कर सके। उन्होंने कुरआन की शिक्षा को धार्मिक तरबीयत की बुनियादी आवश्यकता बताते हुए इस क्षेत्र में गंभीर और निरंतर प्रयासों पर ज़ोर दिया।

हुज्जतुल इस्लाम आगा अब्दुज़्ज़हरा अकबर अली तुराबी ने अपने संबोधन में हौज़ा इल्मिया ज़ैनबिया के प्रबंधन का आभार व्यक्त किया और कुरआन मजीद की शिक्षा एवं प्रचार-प्रसार से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पाठ्यक्रम से प्रशिक्षित छात्राएं भविष्य में कुरआन की प्रचारक बनकर विभिन्न स्थानों पर इसकी शिक्षाओं का प्रकाश फैलाएंगी और समाज में कुरआनी चेतना जागृत करने का माध्यम बनेंगी।

कार्यक्रम का संचालन मौलाना सैयद सिराज अहमद ने किया। समापन अवसर पर मदरसे की निदेशक सानिया ज़हरा रिज़वी ने सभी सम्मानित अतिथियों, उलमा और कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग देने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा के आदर्श जीवन के प्रकाश में ज्ञान, धैर्य, दृढ़ता और सत्य के संदेश को आगे पहुंचाने के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही छात्राओं को इस महत्वपूर्ण धार्मिक ज़िम्मेदारी को निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।

एक महीने के इस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के समापन पर छात्राओं को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। यह पाठ्यक्रम कुरआन मजीद की शिक्षा को बेहतर ढंग से आम करने और प्रशिक्षित शिक्षिकाओं का ऐसा समूह तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाली पीढ़ियों तक अल्लाह के कलाम का संदेश पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएगा।

हौज़ा इल्मिया ज़ैनबिया की ओर से संकल्प व्यक्त किया गया कि कुरआन मजीद की शिक्षा और प्रचार-प्रसार के इस सिलसिले को आगे भी जारी रखा जाएगा, ताकि कुरआन की रोशनी अधिक से अधिक घरों और समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच सके।


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