हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , सनंदज के इमाम ए जुमआ मामूस्ता फ़ायक़ रूस्तमी ने इस सप्ताह जुमा की नमाज़ के ख़ुत्बे में कुर्दिस्तान प्रांत की अधूरी आर्थिक और विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्हें जल्द पूरा करने की माँग की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को उचित योजना बनाकर इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द जनता के लिए चालू करने की व्यवस्था करनी चाहिए।
मामूस्ता रूस्तमी ने राष्ट्रपति डॉ. मसूद पिज़ेश्कियान की न्याय-आधारित नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि देश के महत्वपूर्ण पदों पर सुन्नी समुदाय के लोगों की नियुक्ति इस बात का संकेत है कि सरकार समाज के इस वर्ग की क्षमताओं और योग्यताओं को महत्व दे रही है।
ईरान की मजलिस-ए-ख़ुबरेगान में कुर्दिस्तान के प्रतिनिधि मामूस्ता रस्तमी ने राष्ट्रपति के कार्यालय में उपाध्यक्ष के पद, मंत्रालयों में उपमंत्री और प्रांतीय गवर्नर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सुन्नी समुदाय के लोगों की नियुक्तियों को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि देश के सभी जातीय और धार्मिक समुदायों की क्षमताओं का लाभ उठाया जाना चाहिए।
उन्होंने समाज में सांस्कृतिक विकास के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि इसके लिए लगातार प्रयास और उचित योजना की आवश्यकता है। देश की विभिन्न संस्कृतियों, जातीय समुदायों और स्थानीय क्षमताओं को सामने लाने पर पहले से अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।
सनंदज में आयोजित ‘फ़िदाइयान’ सैन्य अभ्यास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस अभ्यास ने दुनिया को ईरानी जनता की एकता और शक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के लोग शांति और मित्रता का समर्थन करते हैं, लेकिन दुश्मनों के सामने अपने देश की रक्षा करने के लिए भी तैयार हैं।
आर्थिक समस्याओं और वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए मामूस्ता रस्तमी ने कहा कि सरकार आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन इसके बावजूद सामान की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इससे आम लोगों के जीवन पर भारी आर्थिक दबाव पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जनता को सरकार से उम्मीद है कि वह प्रभावी कदम उठाकर महँगाई पर नियंत्रण करेगी, मुद्रास्फीति कम करेगी और लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाएगी।
कुर्दिस्तान के प्रतिनिधि ने राष्ट्रीय मुद्रा के मूल्य में गिरावट को आर्थिक समस्याओं के बढ़ने का एक प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि दुश्मन आर्थिक प्रतिबंधों के माध्यम से ईरानी जनता पर और अधिक दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए आर्थिक समस्याओं का उचित प्रबंधन करना और जनता की आजीविका की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
मामूस्ता रूस्तमी ने कुर्दिस्तान प्रांत में अधूरी पड़ी विकास और आर्थिक परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हें पूरा करने में तेज़ी लाई जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे उचित योजना बनाकर इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करें, ताकि जनता को उनका लाभ मिल सके।
उन्होंने बानेह और मरिवान के मुक्त व्यापार क्षेत्रों को पूरी तरह सक्रिय करने के महत्व पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों को प्रभावी ढंग से चालू करने से कुर्दिस्तान की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, व्यापार का विस्तार होगा, रोज़गार के अवसर पैदा होंगे और लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।
अपने भाषण के अंत में मामूस्ता रस्तमी ने शारीरिक शिक्षा सप्ताह की बधाई देते हुए इस्लामी शिक्षाओं में खेल और शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस्लाम स्वास्थ्य और खेल को विशेष महत्व देता है, क्योंकि शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ समाज सामाजिक बुराइयों और समस्याओं का मुकाबला करने में अधिक सक्षम होता है।
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