हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा हाफ़िज़ बशीर हुसैन नजफ़ी (दाम जिल्लोहुल वाऱीफ) ने 13 जमादिउल अव्वल को हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (अस) की शहादत की याद में वार्षिक जुलूसे अज़ा ए फ़ातेमिया का नेतृत्व किया। यह जुलूस नजफ़ अशरफ़ स्थित केंद्रीय कार्यालय से शुरू होकर हज़रत अमीरुल मोमेनीन अली (अस) के हरमे मुबारक तक पहुँचा। इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, यह दिन हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (अस) की शहादत की दूसरी प्रचलित तिथि के अनुसार मनाया जाता है।
इस शोक जुलूस में प्रमुख धार्मिक विद्वानों, इस्लामी धर्मगुरुओं, शिक्षकों और धार्मिक शिक्षा केंद्रों के विद्यार्थियों के साथ-साथ कई इस्लामी देशों से आए श्रद्धालुओं, इराक़ के विभिन्न प्रांतों के लोगों, क़बीलाई प्रमुखों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर शोकपूर्ण वातावरण में सभी ने हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (अस) की दर्दनाक शहादत को याद किया और पैगंबर मुहम्मद (स अ व आ व) के परिवार के प्रति अपने प्रेम, निष्ठा और समर्पण को दोहराया।
हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा हाफ़िज़ बशीर हुसैन नजफ़ी (दाम जिल्लोहुल वाऱीफ) ने अज़ा ए फ़ातेमिया के महत्व पर कहा कि ऐसे आयोजन पैगंबर (स अ व आ व) के परिवार (अस) के प्रति निष्ठा दोहराने और हक़ीक़ी इस्लामे मोहम्मदी से जुड़े रहने का माध्यम है।
दूसरी ओर, उनके पुत्र और केंद्रीय कार्यालय के निदेशक, शेख़ अली नजफ़ी साहब ने अपने बयान में कहा कि यह जुलूस अत्याचार, अन्याय और आतंकवाद के प्रति विरोध प्रकट करने, सत्य और न्याय के मार्ग पर दृढ़ता से डटे रहने तथा हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (अस) पर किए गए अत्याचारों की याद ताज़ा करने का प्रतीक है।
नजफ़ अशरफ़ में वार्षिक जुलूसे अज़ा ए फ़ातेमिया
आयतुल्लाहिल उज़्मा हाफ़िज़ बशीर हुसैन नजफ़ी के नेतृत्व में जुलूस मे मोमेनीन ने की शिरकत
हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा हाफ़िज़ बशीर हुसैन नजफ़ी (दाम जिल्लोहुल वाऱीफ) ने अज़ा ए फ़ातेमिया के महत्व पर कहा कि ऐसे आयोजन पैगंबर (स अ व आ व) के परिवार (अस) के प्रति निष्ठा दोहराने और हक़ीक़ी इस्लामे मोहम्मदी से जुड़े रहने का माध्यम है।
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आयतुल्लाहिल उज़्मा हाफ़िज़ बशीर हुसैन नजफ़ी के नेतृत्व में नजफ अशरफ में अय्यामे फ़ातिमया के जुलूस का आयोजन
हौज़ा / हज़रत फातिमा ज़हरा (स) की शहादत की याद में, वार्षिक अज़ा ए फातिमा जुलूस का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा हाफ़िज़ बशीर…
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हज़रत फातेमा ज़हरा कि शहादत के अवसर पर अज़ादारी और मातमी जुलूस के साथ हज़रत आयतुल्लाह बशीर हुसैन नजफी की शिरकत
हौज़ा/नजफ अशरफ में शिया मरजये तकलीद आयतुल्लाह बशीर हुसैन नजफी ने हज़रत फातेमा ज़हरा कि शहादत के अवसर पर अज़ादारी हरमे इमाम अली अ.स. में पुरसा देने के लिए…
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हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा अलहाज ह़ाफ़िज़ बशीर हुसैन नजफ़ी के नेतृत्व में जुलूस ए अज़ा ए फ़ातेमिया का आयोजन
हौज़ा/मरज ए अली क़द्र ह़ज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा अलह़ाज ह़ाफ़िज़ बशीर हुसैन नजफ़ी ने कहां,अज़ा ए फ़ातेमियह का एहतेमाम और इसकी बक़ा असली मुहम्मदी इस्लाम की बक़ा है।
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इराक़ में हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा अल्हाज हाफ़िज़ बशीर हुसैन नजफ़ी के वुकला व मोअतमेदीन की वार्षिक बैठक
हौज़ा / नजफ़ अशरफ़; मरकज़ी दफ़्तर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा अल्हाज हाफ़िज़ बशीर हुसैन नजफ़ी के शोबए वुकला व मोअतमेदीन (इराक़) ने नजफ़े अशरफ़ में मरजए आली…
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अज़ा ए फ़ातिमा का आयोजन अहले-बैत (अ) से विलायत का नवीनीकरण है
हौज़ा / हुज्जतुल-इस्लाम शेख अली नजफ़ी: हर साल अज़ा ए फातिमा का आयोजन सभी प्रकार के उत्पीड़न और आतंकवाद से बेगुनाही की घोषणा के रूप में किया जाता है, भले…
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नजफ अशरफ में अज़ा ए फातिमा का भव्य जुलूस, आयतुल्लाहिल उज़्मा हाफ़िज़ बशीर हुसैन नजफ़ी ने भाग लिया
हौज़ा / नजफ़ अशरफ़ में हज़रत फातिमा ज़हरा (स) की मज़लूमियत की याद में “अज़ाए फात्मिया” का बहुत बड़ा जुलूस निकाला गया, जिसमें मरजा-ए-आली क़दर आयतुल्लाहुल…
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अज़ा-ए-फ़ातेमिया: जनाब-ए-फ़ातिमा ज़हरा की मज़लूमियत की याद
हौज़ा/ जनाब-ए-फ़ातमा ज़हरा (स.) ने अपनी वसीयत में इमाम अली (अ.) से फ़रमाया कि मुझे रात में दफ़न करना ताकि ज़ालिमों को मेरी तद्फीन में हिस्सा न मिले। आपकी…
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आयतुल्लाह हाफिज बशीर हुसैन नजफी की भागीदारी में नजफ अशरफ में एक भव्य जूलूसे अज़ा का आयोजन
हौज़ा / मरजा आली-क़द्र ने शोक सभा से कहा कि हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) की पीड़ा और दुःख सच्चे मुहम्मदन इस्लाम का अस्तित्व और अहले-बैत (अ) से विलायत का नवीनीकरण…
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ईरान के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की आयतुल्लाहिल उज़मा हाफ़िज़ बशीर हुसैन नजफ़ी से मुलाकात की
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़मा हाफ़िज़ शेख़ बशीर हुसैन नजफ़ी ने नजफ़ अशरफ़ में स्थित अपने केंद्रीय कार्यालय में इस्लामी गणराज्य ईरान के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल…
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कारगिल में फातिमिया जुलूस के साथ अय्याम ए फातिमिया का समापन; हज़ारों मोमिनों ने हिस्सा लिया
हौज़ा/कारगिल भारत में फातिमिया जुलूस के साथ अय्याम ए फातिमिया का समापन हुआ; इस मौके पर जमीयत-ए-उलेमा इतना अशरीया कारगिल ने एक शोक जुलूस निकाला।
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