हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, क़ज़वीन प्रांत के हौज़ा इल्मिया के निदेशक हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन असग़र इरफ़ानी ने कहा कि दुश्मन के पास ईरानी जनता के सामने आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। स्वयं दुश्मन के विश्लेषकों और टिप्पणीकारों के स्वीकारोक्ति के अनुसार, शक्तिशाली और गौरवशाली ईरान सभी मोर्चों पर सफलता हासिल कर रहा है।
उन्होंने आज शहीद रहबर-ए-इंक़िलाब आयतुल्लाह सय्यद अली ख़ामेनेई (रह.) के नाम पर स्थापित केंद्र की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि दुश्मन ने अपने आकलन में गलती की, क्योंकि वह इस्लामी ईरान, ईरानी राष्ट्र और देश की सशस्त्र सेनाओं की क्षमताओं को पहचानने में नाकाम रहा। आज यही क्षमताएँ दुश्मन के भय और बेचैनी का कारण बनी हुई हैं।
क़ज़वीन प्रांत के हौज़ा इल्मिया के निदेशक ने कहा कि ईरानी राष्ट्र ने असाधारण दृढ़ता और धैर्य का प्रदर्शन करते हुए 236 से अधिक रातों तक शहरों और गाँवों में विभिन्न स्थानों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और अपनी जागरूकता का प्रमाण दिया।
उन्होंने आगे कहा कि जनता की इस उपस्थिति के कारण दुश्मनों की अनेक साज़िशें नाकाम हो गईं, जिससे वे बौखला गए हैं। इस अवसर पर उन्होंने ईरान के दुश्मनों, विशेष रूप से अमेरिका को संबोधित करते हुए इमाम ख़ुमैनी (रह.) का प्रसिद्ध कथन दोहराया, “अमेरिका! ग़ुस्से में जलते रहो और इसी ग़ुस्से में मर जाओ।”
हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन इरफ़ानी ने कहा कि आज ईरानी जनता का यह विशाल जनसमूह अमेरिका के राष्ट्रपति और ज़ायोनी शासन के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। जनता की व्यापक उपस्थिति दर्शाती है कि गौरवशाली, जागरूक और हमेशा सतर्क रहने वाला ईरानी राष्ट्र कभी भी इस्लामी क्रांति के आदर्शों से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता इस्लामी क्रांति, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद मुजतबा हुसैनी ख़ामेनेई और देश की सशस्त्र सेनाओं का समर्थन करती रहेगी।
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