हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईसाई जगत के आध्यात्मिक प्रमुख पोप लियो ने यमन में बिगड़ती मानवीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए देश और पूरे क्षेत्र में शत्रुता तत्काल समाप्त करने तथा शांति स्थापित करने की अपील की है।
पोप लियो ने संघर्ष रोकने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि वह दिल की गहराइयों से शत्रुता समाप्त करने की अपील करते हैं, ताकि यमन की जनता और पूरे क्षेत्र के लोग शांति के साथ जीवन व्यतीत कर सकें।
उन्होंने यमन के दक्षिण-पश्चिम में स्थित ताइज़ शहर की मानवीय स्थिति पर विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वहां के निवासी भोजन, पानी और चिकित्सा सेवाओं की कमी का सामना कर रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ताइज़ में झड़पों की तीव्रता बढ़ने और ईंधन की कमी के कारण यूनिसेफ के सहयोग से संचालित जल आपूर्ति व्यवस्था पर संकट मंडरा रहा है। यह व्यवस्था लगभग 30 लाख यमनी नागरिकों को सेवाएं प्रदान करती है, जिनमें करीब 16 लाख बच्चे भी शामिल हैं।
पोप ने अपने संबोधन में कहा कि युद्ध केवल मौत और तबाही ही नहीं फैलाते, बल्कि दुनिया को गरीबी और नुकसान की ओर भी धकेल देते हैं। उन्होंने कहा कि आज यह बात पहले से कहीं अधिक स्पष्ट हो चुकी है कि युद्धों के परिणामस्वरूप मानव जीवन की क्षति के साथ-साथ समाजों को आर्थिक और सामाजिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
उन्होंने जॉर्डन के सेंट जॉर्ज ऑर्थोडॉक्स चर्च पर हुए आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के लिए भी प्रार्थना की। साथ ही, उन्होंने मृतकों के परिजनों और घायलों के प्रति संवेदना एवं सहानुभूति व्यक्त की।
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