हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , माजिद अबू कतिश के नेता ने कहा कि हेब्रोन (अल-खलील) शहर स्थित मस्जिदे इब्राहीमी में इज़रायली बस्तियों के निवासियों द्वारा घुसपैठ और पवित्र स्थल की बेअदबी, जबकि फ़िलिस्तीनी नमाज़ियों के लिए मस्जिद बंद रखी गई है, इस्लामी पवित्र स्थलों पर गंभीर हमला और धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिए फ़िलिस्तीन, अरब देशों और पूरे इस्लामी जगत को तत्काल कदम उठाने चाहिए।
अबू कतिश ने अपने बयान में कहा कि मस्जिदे इब्राहीमी पर ये हमले ऐसे समय में हो रहे हैं, जब मस्जिद अल-अक्सा के खिलाफ भी इज़रायली अधिकारियों की दमनात्मक कार्रवाइयां तेज़ हो रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इज़रायली अधिकारी मस्जिद अल-अक्सा के इमामों और ख़तीबों को उनके ख़ुत्बों की सामग्री या उम्मते इस्लामिया के लिए दुआ करने के कारण निशाना बनाते हैं और उन्हें मस्जिद में प्रवेश करने से रोकते हैं।
इसके विपरीत, उनके अनुसार, यहूदी धर्मगुरुओं और कट्टरपंथियों को मस्जिद परिसर में स्वतंत्र रूप से प्रवेश करने तथा वहां से भड़काऊ बयान देने की अनुमति दी जाती है।
अबू कतिश ने इन घटनाओं को फ़िलिस्तीन के इस्लामी पवित्र स्थलों और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता दोहराई।
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