गुरुवार 17 सितंबर 2026 - 07:41
मक्का पर हमला एप्स्टीन जैसे अपराधियों के साझेदार ही कर सकते हैं

यमन के उप विदेश मंत्री अब्दुलवाहिद अबूरास ने कहा कि जो संस्थाएं इस्राइली शासन और अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार के प्रतीकों के साथ संबंध स्थापित करती हैं, वही इस्लामी पवित्र स्थलों को निशाना बनाती हैं।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुवाद विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, यमन के उप विदेश मंत्री अब्दुलवाहिद अबूरास ने बुधवार को एक प्रेस बयान में कहा कि जो संस्थाएं इस्राइली शासन और अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार के प्रतीकों के साथ संबंध रखती हैं, वही इस्लामी पवित्र स्थलों को निशाना बनाती हैं।

उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने काबा शरीफ का गिलाफ अपराधी एप्स्टीन को उपहार में दिया है, वही सीधे तौर पर इस निशानेबाजी को अंजाम दे रहा है।

अबूरास ने कहा कि हरमैन शरीफैन की भूमि में मनोरंजन और ऐयाशी के लिए माहौल तैयार करना, वहां ज़ायोनी यहूदियों की मौजूदगी तथा अपराधी इस्राइली शासन के साथ गुप्त और खुले संबंध स्थापित करना, मक्का मुकर्रमा, मस्जिदे अक्सा और सभी इस्लामी पवित्र स्थलों के लिए सीधा और स्पष्ट खतरा है।

उप विदेश मंत्री ने यमन की जनता के स्थायी रुख और इस्लामी पवित्र स्थलों की रक्षा के लिए विभिन्न स्थानों पर लाखों लोगों की लगातार मौजूदगी का उल्लेख किया। उन्होंने कुरआन मजीद, पैगंबर-ए-अकरम (सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि वसल्लम), मक्का मुकर्रमा या मस्जिदे अक्सा को निशाना बनाकर की जाने वाली किसी भी प्रकार की बेअदबी की निंदा की।

उप विदेश मंत्री ने कहा कि अपराधी सऊदी शासन के साथ हमारी समस्याओं में से एक इस्लामी पवित्र स्थलों की बेअदबी और उम्मत के दुश्मनों का समर्थन करना है।

उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया में यमन की जनता के अलावा ऐसा कोई राष्ट्र नहीं है, जिसमें इस्लामी पवित्र स्थलों की बेअदबी और उन्हें नुकसान पहुंचाए जाने के प्रति इतनी गहरी गैरत और संवेदनशीलता हो।

उप विदेश मंत्री ने आगे कहा कि ज़ायोनी मीडिया और मंचों को अंसार के वंशजों को निशाना बनाने के लिए कोई दूसरा बहाना तलाशना चाहिए, न कि ऐसा दावा करना चाहिए जो उनके मौजूदा रुख और ऐतिहासिक प्रमाणों से विरोधाभासी हो।

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