हौज़ा / भारत में स्थापित शिया अंजुमनों के इतिहास, सेवाओं और सामाजिक प्रभावों को दस्तावेज़ी रूप देने के उद्देश्य से मौलाना सैयद रज़ी हैदर ज़ैदी, ‘शिया-शनासी’ शीर्षक के अंतर्गत ‘भारतीय शिया अंजुमनें: इतिहास, सेवाएँ और सामाजिक प्रभाव’ विषय पर एक शोधपरक पुस्तक तैयार कर रहे हैं।
हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , यह शोध परियोजना भारत की शिया अंजुमनों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, शैक्षणिक एवं सामाजिक सेवाओं, विभिन्न गतिविधियों और समाज पर उनके प्रभावों को सुरक्षित रखने की एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल है।
इसका उद्देश्य अंजुमनों के इतिहास और उनकी भूमिका को प्रमाणिक संदर्भों तथा दस्तावेज़ी साक्ष्यों के आधार पर एक जगह संकलित करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इससे लाभ उठा सकें।
मौलाना सैयद रज़ी हैदर फंदीड़वी ने विद्वानों, शोधकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और भारत की शिया अंजुमनों से जुड़े लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास अंजुमनों के इतिहास, सेवाओं, गतिविधियों और सामाजिक प्रभावों से संबंधित उपयोगी जानकारियाँ, ऐतिहासिक दस्तावेज़, दुर्लभ तस्वीरें, प्रकाशित सामग्री या उपयोगी लेख उपलब्ध हों, तो वे उन्हें उपलब्ध कराकर इस शोध कार्य में सहयोग करें।
उन्होंने उम्मीद जताई कि विद्वानों और शोधकर्ताओं के सहयोग से यह पुस्तक अधिक व्यापक, प्रमाणिक और जानकारीपूर्ण बन सकेगी तथा भारत की शिया अंजुमनों के इतिहास को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
संपर्क नंबर: +91 95681 46232
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