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  • मक्का मुकर्रमा का मुहासरा, ख़ाना-ए-काबा पर संगबारी और यज़ीदी फ़िक्र की मुसलसल यलग़ार

    मक्का मुकर्रमा का मुहासरा, ख़ाना-ए-काबा पर संगबारी और यज़ीदी फ़िक्र की मुसलसल यलग़ार

    हौज़ा / इस्लामी इतिहास की कुछ घटनाएँ ऐसी हैं जो किसी एक दौर या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि हर युग में हक़ और बातिल की पहचान का पैमाना बन जाती हैं। वाक़िआ-ए-कर्बला भी ऐसा ही एक अबदी, फ़ैसला-कुन और तारीख़-साज़ बाब है। इसी तरह कर्बला के बाद मदीना मुनव्वरा पर यज़ीद की फ़ौज का हमला, फिर मक्का मुकर्रमा का मुहासरा और ख़ाना-ए-काबा पर यज़ीदी लश्कर की संगबारी भी तारीख़-ए-इस्लाम का एक अत्यंत दर्दनाक सानिहा है। यह घटना इस हक़ीक़त को बेनक़ाब करती है कि जब इक़्तिदार ज़ुल्म, जब्र, आमिरियत और दीन-दुश्मनी के साथ मिल जाए, तो न रसूले अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि वसल्लम के अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम की हुरमत महफ़ूज़ रहती है, न बैतुल्लाह की अज़मत बरक़रार रहती है और न ही इंसानी अक़दार तथा दीनी मुक़द्दसात का एहतराम बाक़ी रहता है।

  • शहादत से दुनिया-ए-इंसानियत पर प्रभाव का जायज़ा

    शहादत से दुनिया-ए-इंसानियत पर प्रभाव का जायज़ा

    हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम सैयद सफ़दर हुसैन ज़ैदी ने कहां,शहीद आयतुल्लाह सैय्यद अली ख़ामेनई (1939-2026 ई.) की शहादत केवल एक व्यक्ति का हादसा नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक महान ऐतिहासिक मोड़ की हैसियत रखती है। यह वह घटना है जिसने आलमें-ए-इंसानियत के कमज़ोरों और मज़लूमों को हिम्मत व ताक़त बख़्शी और इंक़लाब-ए-इस्लामी को स्थायी स्थिरता प्रदान की हैं।

  • कश्मीर में करबला के शहीदों, मीनाब के मासूम शहीदों और उम्मत के शहीद सुप्रीम लीडर की याद में रक्तदान शिविर; सत्य और प्रतिरोध के प्रति निष्ठा का संकल्प

    कश्मीर में करबला के शहीदों, मीनाब के मासूम शहीदों और उम्मत के शहीद सुप्रीम लीडर की…

    कश्मीर के मीरगुंड क्षेत्र में करबला के शहीदों, मीनाब के मासूम शहीदों और उम्मत के शहीद सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनेई की स्मृति में रक्तदान (ब्लड डोनेशन) शिविर आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने रक्तदान करते हुए पीड़ितों के समर्थन, सत्य और न्याय पर दृढ़ रहने तथा शहीद नेता के विचारों और मिशन के प्रति अपनी निष्ठा का पुनः संकल्प व्यक्त किया।

  • हज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ) की शहादत दुआ, दूरदर्शिता और चरित्र के माध्यम से उम्मत के निर्माण का महान मिशन

    हज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ) की शहादत दुआ, दूरदर्शिता और चरित्र के माध्यम से उम्मत…

    इस्लामी इतिहास में कर्बला केवल एक युद्ध या एक दुखद घटना का नाम नहीं है, बल्कि यह सत्य और असत्य के बीच लड़ी गई वह शाश्वत क्रांति है जिसने इंसानियत को ज़ुल्म के सामने सिर न झुकाने का संदेश दिया।

  • लखनऊ में शहीद-ए-उम्मत आयतुल्लाह ख़ामेनई के दफ़्न के अवसर पर क़ुरआन-ख़्वानी और मजलिस-ए-अज़ा का आयोजन

    लखनऊ में शहीद-ए-उम्मत आयतुल्लाह ख़ामेनई के दफ़्न के अवसर पर क़ुरआन-ख़्वानी और मजलिस-ए-अज़ा…

    शहीद-ए-उम्मत, इस्लामी क्रांति के नेता, आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई के दफ़्न के अवसर पर मजलिस-ए-उलेमा-ए-हिंद की ओर से जामा मस्जिद तहसीनगंज, लखनऊ में क़ुरआन-ख़्वानी और मजलिस-ए-अज़ा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत क़ुरआन-ख़्वानी से हुई, जिसका आरंभ तंज़ीमुल मकातिब के छात्र क़ारी मुहम्मद रैहान ने किया।

  • अंजुमन-ए-शरई शियान के तत्वावधान में शहीद सुप्रीम लीडर के लिए विदाई मजलिस का आयोजन: शिया-सुन्नी उलेमा की भागीदारी और संबोधन

    अंजुमन-ए-शरई शियान के तत्वावधान में शहीद सुप्रीम लीडर के लिए विदाई मजलिस का आयोजन:…

    जम्मू-कश्मीर अंजुमन-ए-शरई शिया के अध्यक्ष हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन आगा सय्यद हसन मौसवी सफ़वी के नेतृत्व में, कल शहीद रहबर आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई की दफ़्न के अवसर पर केंद्रीय इमामबाड़ा बडगाम में एक गरिमामय विदाई मजलिस का आयोजन किया गया, जिसमें उलेमा, ज़ाकिरीन, क्षेत्र के सम्मानित लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

  • शहीद सुप्रीम लीडर का संपूर्ण जीवन ईमान, निष्ठा, तक़वा, दूरदर्शिता, साहस और दृढ़ता का उज्ज्वल उदाहरण था: हुज्जतुल इस्लाम मौलाना हैदर महदी

    शहीद सुप्रीम लीडर का संपूर्ण जीवन ईमान, निष्ठा, तक़वा, दूरदर्शिता, साहस और दृढ़ता…

    मदरसा बिन्तुल हुदा में शहीद सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई की याद में साप्ताहिक दर्स-ए-अख़लाक (नैतिक शिक्षा सभा) का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षकों, उलेमा और मदरसे की छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

  • करगिल में शहीद रहबर के दफ़्न के अवसर पर शोकसभा, फ़ातेहा-ख़्वानी और मातमी जुलूस का आयोजन

    करगिल में शहीद रहबर के दफ़्न के अवसर पर शोकसभा, फ़ातेहा-ख़्वानी और मातमी जुलूस का…

    शहीद रहबर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली हुसैनी ख़ामेनई के दफ़्न के अवसर पर जमीयत-उल-उलेमा इस्ना अशरिया करगिल के तत्वावधान में हौज़ा-ए-इल्मिया इस्ना अशरिया करगिल में एक गरिमामय शोकसभा, फ़ातेहा-ख़्वानी और उसके बाद मातमी जुलूस का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में उलेमा, सादात, मोमिनीन और युवाओं ने भाग लेकर शहीद रहबर को श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • शहीद सुप्रीम लीडर की शव यात्रा ने दुनिया को हुसैनी फिक्र का पैगाम दिया: मौलाना कल्बे रुशैद रिज़वी

    शहीद सुप्रीम लीडर की शव यात्रा ने दुनिया को हुसैनी फिक्र का पैगाम दिया: मौलाना कल्बे…

    हिंदुस्तान के जाने-माने सियासी और मज़हबी रहनुमा मौलाना डॉक्टर सय्यद कल्बे रुशैद रिज़वी, जिन्हें मस्जिद-ए-जमकरान में रहबर-ए-मोअज़्ज़म इंकिलाब-ए-इस्लामी आयतुल्लाह अल-उज़्मा सय्यद अली ख़ामनेई की नमाज़-ए-जनाज़ा अत्यंत निकट से अदा करने की सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर हौज़ा न्यूज़ के प्रतिनिधि से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सुप्रीम लीडर की महानता का वास्तविक मापदंड भीड़ नहीं, बल्कि मज़लूमों के हक़ में उनकी लंबी जद्दोजहद, इस्तिक़ामत और हुसैनी फिक्र से वाबस्तगी है।

  • शरई हुक्म, वैचारिक गहराई और गहरे वैश्विक प्रभाव

    शरई हुक्म, वैचारिक गहराई और गहरे वैश्विक प्रभाव

    हौज़ा / ​इतिहास में जनाज़े की तशयीअ सिर्फ किसी मरने वाले के लिए आखरी रस्म नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा ताक़तवर सामाजिक, मज़हबी और सच्ची स्यासी मानवीय इज़हार है जो तहजीबों के तरक्की में अहेम भूमिका निभाता रहा है। प्राचीन मिस्र की सभ्यता से लेकर आधुनिक युग तक, जनाज़े की तशीअ ने फ़िक्री तसलसुल को बनाए रखने और इज्तेमाई फ़िक्र के जागृत करने में अहम भूमिका निभाई है।

  • इमाम हुसैन (अ) की अज़ादारी दिलों में ईमान की गर्मी और मजबूती का कारण: मौलाना ज़ैग़म रिज़वी

    इमाम हुसैन (अ) की अज़ादारी दिलों में ईमान की गर्मी और मजबूती का कारण: मौलाना ज़ैग़म…

     भारत के मऊ जिले के मबारकपुर स्थित पुरानी बस्ती बखरी मुहल्ले के हुसैनिया इमामबाड़े में वार्षिक “ख़म्सा मजलिस-ए-अज़ा” के तेरहवें दौर की चौथी मजलिस आयोजित हुई, जिसमें मौलाना ज़ैग़म रज़वी ने संबोधन किया।

  • भारतीय अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया और इंडियन एक्सप्रेस मे आयतुल्लाह ख़ामेनेई के विदाई समारोह की व्यापक कवरेज 

    भारतीय अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया और इंडियन एक्सप्रेस मे आयतुल्लाह ख़ामेनेई के विदाई…

    भारत के प्रमुख मीडिया संस्थानों ने रविवार को शहीद नेता हज़रत आयतुल्लाह सय्यद अली खामेनेई के पार्थिव शरीर के साथ चल रहे विदाई समारोह के दूसरे दिन की व्यापक कवरेज की। उन्होंने इस आयोजन के विभिन्न पहलुओं को उजागर किया, जिसमें तेहरान में जनता की भारी उपस्थिति, शहीद नेता के जनाज़े पर नमाज़, और परिवार के सदस्यों व ईरानी अधिकारियों की मौजूदगी शामिल है।

  • मौलाना ज़ैग़म रिज़वी: क़ुरआन में वर्णित अतीत की हर घटना क़यामत तक वर्तमान और भविष्य का दर्पण है

    मौलाना ज़ैग़म रिज़वी: क़ुरआन में वर्णित अतीत की हर घटना क़यामत तक वर्तमान और भविष्य…

    मौलाना सय्यद ज़ैग़म रिज़वी ने मुबारकपुर में आयोजित मजलिस-ए-अज़ा को संबोधित करते हुए कहा कि क़ुरआन में वर्णित अतीत की हर घटना क़यामत तक वर्तमान और भविष्य का दर्पण है।

  • शहीद सर्वोच्च नेता का ऐसी अंतिम यात्रा निकलेगी जिसकी मिसाल मानव इतिहास में नहीं मिलेगी: मौलाना सय्यद रज़ा हैदर ज़ैदी

    शहीद सर्वोच्च नेता का ऐसी अंतिम यात्रा निकलेगी जिसकी मिसाल मानव इतिहास में नहीं मिलेगी:…

    लखनऊ की शाही आसिफ़ी मस्जिद में शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को जुमे की नमाज़ हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना सय्यद रज़ा हैदर ज़ैदी, प्रिंसिपल, हौज़ा-ए-इल्मिया हज़रत ग़ुफ़रान मआब, की इमामत में अदा की गई। जुमे के ख़ुत्बे में उन्होंने हुसैनी शोक के दिनों के अवसर पर अज़ादारी के दर्शन, आशूरा के अमल, क़ुरआन का संदेश, अज़ादारी के जुलूसों की सुरक्षा तथा मुस्लिम समुदाय के सामने मौजूद वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

  • आयतुल्लाह ख़ामेनेई के अंतिम विदाई समारोह की भारतीय मीडिया में कवरेज

    आयतुल्लाह ख़ामेनेई के अंतिम विदाई समारोह की भारतीय मीडिया में कवरेज

    आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के अंतिम विदाई समारोह को भारतीय मीडिया ने केवल एक शोक समारोह के रूप में नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक, कूटनीतिक और जनभावनाओं से जुड़े बड़े आयोजन के रूप में प्रस्तुत किया।

  • शहीद आयतुल्लाह ख़ामेनेई की अंतिम विदाई के अवसर पर मौलाना सय्यद सफ़ी हैदर का क़ौम के नाम संदेश और अपील

    शहीद आयतुल्लाह ख़ामेनेई की अंतिम विदाई के अवसर पर मौलाना सय्यद सफ़ी हैदर का क़ौम…

    तंजीमुल मकातिब के सचिव हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना सय्यद सफ़ी हैदर ने शहीद नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली अल-हुसैनी ख़ामेनेई की अंतिम विदाई के अवसर पर क़ौम के नाम अपने विशेष संदेश में मोमिनों से क़ुरआन मजीद की तिलावत, मजलिस-ए-तरहीम, दुआ और सदक़ा का विशेष प्रबंध करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शहीद नेता का पूरा जीवन इस्लाम, विलायत, दृढ़ता और मज़लूमों के समर्थन का उज्ज्वल उदाहरण था।

  • शहीद हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामनेई मासूमीन (अ) की सीरत का संपूर्ण दर्पण थे

    शहीद हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामनेई मासूमीन (अ) की सीरत का संपूर्ण दर्पण थे

    हौज़ा /हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैयद सफदर हुसैन ज़ैदी ने कहां,शहीद हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामनेई (रह.) ने इंसानी फितरत की इस प्राकृतिक न्यायिक आवश्यकता को इस प्रकार पूरा किया कि वे उन लोगों के लिए एक व्यावहारिक आदर्श बन गए, जो उन्हें अपना न्यायप्रिय फक़ीह और मरजा मानते थे।

  • सय्यद सलमान हुसैनी नदवी का निधन: इस्लामी समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति – मौलाना असगर एजाज़ क़ायमी

    सय्यद सलमान हुसैनी नदवी का निधन: इस्लामी समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति – मौलाना…

    अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शिया धर्मशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. मौलाना असगर एजाज़ क़ायमी ने प्रसिद्ध सुन्नी विद्वान सय्यद सलमान नदवी के निधन पर उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

  • आगा हसन मूसवी सफ़वी का सय्यद सलमान नदवी के निधन पर शोक संदेश

    आगा हसन मूसवी सफ़वी का सय्यद सलमान नदवी के निधन पर शोक संदेश

    अंजुमन ए शरई शियान जम्मू कश्मीर के अध्यक्ष हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लेमीन आगा सय्यद हसन मूसवी ने सय्यद सलमान हुसैनी नदवी के दुखद निधन पर गहरा दुख और अफसोस व्यक्त करते हुए उनके परिजनों से संवेदना प्रकट की है।

  • मौलाना सय्यद सलमान नदवी हुसैनी की हक़ीक़त-बयानी उनकी विशेष पहचान: सय्यद अब्बास महदी हसनी

    मौलाना सय्यद सलमान नदवी हुसैनी की हक़ीक़त-बयानी उनकी विशेष पहचान: सय्यद अब्बास महदी…

    मौलाना सय्यद सलमान हुसैनी नदवी भारतीय उपमहाद्वीप के उन मुमताज़ उलेमा में शुमार होते हैं जिन्होंने अहले-बैत अतहार (अ) से मुहब्बत को न सिर्फ़ अपने दिल में बसाया बल्कि उसे अपनी फिक्र, तहरीर और ख़िताबात का केंद्र बनाया। वह दारुल उलूम नदवतुल उलेमा लखनऊ के उस्ताद और कई शैक्षणिक संस्थानों के बानी थे। उनकी शख्सियत अहले-बैत (अ) से दीवानगी भरी मुहब्बत और उनके दुश्मनों से खुली नफरत की एक अनोखी मिसाल है।