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  • कोलकाता में ‘अल्पसंख्यक बुद्धिजीवी सम्मेलन’ का आयोजन, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर चर्चा

    कोलकाता में ‘अल्पसंख्यक बुद्धिजीवी सम्मेलन’ का आयोजन, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक-आर्थिक…

    पश्चिम बंगाल की अल्पसंख्यक समुदायों के संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण तथा उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति की समीक्षा के लिए कोलकाता की आलिया यूनिवर्सिटी के पार्क सर्कस कैंपस में एक दिवसीय ‘अल्पसंख्यक बुद्धिजीवी सम्मेलन’ का आयोजन किया गया।

  • भारत मे जामेअतुल मुस्तफ़ा के प्रतिनिधि ने जामेअतुल खदीजा जौनपूर का दौरा किया

    भारत मे जामेअतुल मुस्तफ़ा के प्रतिनिधि ने जामेअतुल खदीजा जौनपूर का दौरा किया

    जामिया खदीजतुल कुबरा में जामिअतुल मुस्तफा हिंद के प्रतिनिधि हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लेमीन कमाल हुसैनी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक ज्ञान, नैतिक प्रशिक्षण तथा शैक्षिक और बौद्धिक विकास के महत्व पर जोर दिया और छात्राओं को अपनी क्षमताओं को निखारने के लिए प्रोत्साहित किया।

  • अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी: विभिन्न धर्मों और भाषाओं के छात्रों के बीच संवाद प्रशिक्षण का माध्यम है

    अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी: विभिन्न धर्मों और भाषाओं के छात्रों के बीच संवाद प्रशिक्षण…

    अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटीके सुन्नी धर्मशास्त्र विभाग में “अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की शैक्षिक और सांस्कृतिक परंपराएं” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुन्नी धर्मशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मोहम्मद राशिद इस्लाही ने की।

  • शिया समाज के समाधान के लिए उलेमा की एकजुटता, औकाफ की सुरक्षा और नई पीढ़ी की शिक्षा जरूरी: मौलाना यासूब अब्बास

    शिया समाज के समाधान के लिए उलेमा की एकजुटता, औकाफ की सुरक्षा और नई पीढ़ी की शिक्षा…

    हैदराबाद दक्कन में मजलिस-ए-उलेमा व खुतबा के तत्वावधान में आम बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर के प्रमुख उलेमा, खतीब, जाकिर और मजलिस के विभिन्न विभागों के जिम्मेदार लोगों ने भाग लिया। बैठक में शिया समाज के सामने मौजूद धार्मिक, शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक समस्याओं के साथ-साथ औकाफ की सुरक्षा, उलेमा की एकजुटता, नई पीढ़ी की शिक्षा व प्रशिक्षण और समुदाय के प्रभावी प्रतिनिधित्व जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

  • विद्वानो की जिम्मेदारी है कि नई पीढ़ी को देश और कौम की सेवा के योग्य बनाएं: हुज्जतुल इस्लाम डॉ. हकीम इलाही

    विद्वानो की जिम्मेदारी है कि नई पीढ़ी को देश और कौम की सेवा के योग्य बनाएं: हुज्जतुल…

    घोसी, मऊ के मदरसा हुसैनिया में समाज सुधार, धार्मिक प्रशिक्षण और नई पीढ़ी के मार्गदर्शन के विषय पर एक दिवसीय शैक्षिक एवं सुधारात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में उलेमा, वाअज़ीन, खतीब, ज़ाकिरीन और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने उलेमाओं की जिम्मेदारी, ज्ञान के महत्व, युवाओं के प्रशिक्षण और अज़ादारी की रक्षा के विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में समाज सुधार से संबंधित 12 सूत्रीय प्रस्ताव पेश किए गए, जिन्हें कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने मंजूरी दी।

  • छात्र अपनी शैक्षिक और शोध गतिविधियों का केंद्र कुरआन और नहजुल बलाग़ा को बनाएं: हुज्जतुल-इस्लाम सय्यद कमाल हुसैनी

    छात्र अपनी शैक्षिक और शोध गतिविधियों का केंद्र कुरआन और नहजुल बलाग़ा को बनाएं: हुज्जतुल-इस…

    जामेअतुल मुस्तफ़ा अल-आलमिया के भारत में प्रतिनिधि हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लेमीन सैयद कमाल हुसैनी के जौनपुर आगमन पर विद्वानों, छात्रों, मोमिनों और धार्मिक मदरसों से जुड़े लोगों ने उनसे मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने हौज़ा की शिक्षा, शैक्षिक और शोध गतिविधियों, नैतिक प्रशिक्षण तथा समाज के विभिन्न वर्गों के साथ प्रभावी संपर्क के महत्व पर बातचीत की।

  • पश्चिमी सांस्कृतिक प्रभाव के दौर में इस्लामी पहचान, पवित्रता और हया की रक्षा जरूरी: मौलाना गौहर हुसैन

    पश्चिमी सांस्कृतिक प्रभाव के दौर में इस्लामी पहचान, पवित्रता और हया की रक्षा जरूरी:…

    हुज्जतुल इस्लाम मौलाना गौहर हुसैन ने यागीपुरा, मागाम, जम्मू-कश्मीर में नमाज़-ए-जुमा के खुत्बे में "खुशहाल परिवार और उसके बुनियादी सिद्धांत" विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में पश्चिमी संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के बीच इस्लामी पहचान, पवित्रता, हया और पारिवारिक मूल्यों की रक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आपसी सम्मान, एक-दूसरे की गलतियों को माफ करना, पवित्रता और हिजाब तथा कुरआन और अहले बैत अलैहिमुस्सलाम की शिक्षाओं पर अमल एक शांतिपूर्ण और खुशहाल परिवार की बुनियाद है।

  • संसार अस्थायी है और इंसान की वास्तविक मंज़िल आख़ेरत है

    संसार अस्थायी है और इंसान की वास्तविक मंज़िल आख़ेरत है

    मौलाना तनवीरुल हसन, इमाम-ए-जुमा गाज़ीपुर ने जुमे के ख़ुत्बे में सूरह-ए-अहज़ाब की आयत 21 की रोशनी में सीरत-ए-पैगंबर को मुसलमानों के लिए नमूना-ए-अमल बताते हुए कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम सल्लल्लाहु अलैहि व आलेहि वसल्लम ने इंसानियत को तौहीद, रिसालत और आखेरत पर यकीन की बुनियाद पर एक नई जिंदगी का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि केवल कलमा पढ़ लेना काफी नहीं है, बल्कि सच्चा ईमान इंसान से अल्लाह और उसके रसूल के सामने अपने आपको समर्पित करने और उनकी शिक्षाओं के अनुसार जिंदगी गुजारने का तकाजा करता है।

  • बड़े-बड़े फिरौन और नमरूद अपने चरम पर अल्लाह की पकड़ में आए, आज के अत्याचारी भी उसकी पकड़ से नहीं बच सकते: मौलाना वसी हैदर रिजवी

    बड़े-बड़े फिरौन और नमरूद अपने चरम पर अल्लाह की पकड़ में आए, आज के अत्याचारी भी उसकी…

    मस्जिद अस्करी करीमपुर, कर्नाटक में शुक्रवार की नमाज़ के खुत्बे के दौरान हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना सय्यद वसी हैदर रिजवी ने कुरआन की आयतों और इस्लामी इतिहास की रोशनी में कहा कि अत्याचार और अपनी शक्ति के घमंड में डूबे शासकों को यह नहीं भूलना चाहिए कि अल्लाह अत्याचारियों को कुछ समय के लिए मोहलत जरूर देता है, लेकिन जब उसकी पकड़ आती है तो बड़े-बड़े फिरौन, नमरूद और शद्दाद भी अपनी ताकत के चरम समय में तबाह हो जाते हैं। उन्होंने वर्तमान विश्व परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए मुस्लिम देशों के शासकों को कुरआन की शिक्षाओं और इस्लामी मूल्यों की ओर लौटने की ताकीद की।

  • इमाम की पहचान केवल उनका नाम जानना नहीं, बल्कि अपने जीवन को इमाम की शिक्षाओं के अनुसार ढालना है: मौलाना नकी महदी ज़ैदी

    इमाम की पहचान केवल उनका नाम जानना नहीं, बल्कि अपने जीवन को इमाम की शिक्षाओं के अनुसार…

    हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सय्यद नकी मेहदी जैदी ने तारागढ़, अजमेर, राजस्थान में जुमे की नमाज के खुतबे में इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम की जीवनी और उनकी शिक्षाओं का वर्णन किया। उन्होंने अल्लाह से डरते हुए जीवन बिताने, अच्छे आचरण, आपसी सम्मान और धार्मिक समझ के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, हमें सत्य की रक्षा, धर्म का पालन और दृढ़ता का रास्ता नहीं छोड़ना चाहिए।

  • जामा मस्जिद श्रीनगर में ईरान सहित युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में शांति के लिए विशेष दुआ

    जामा मस्जिद श्रीनगर में ईरान सहित युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में शांति के लिए विशेष…

    जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद श्रीनगर में ईरान, फिलिस्तीन, लेबनान, यमन और दुनिया के अन्य युद्ध एवं संघर्ष से प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा तथा निर्दोष लोगों की जान की रक्षा के लिए विशेष दुआ की गई।

  • दुनिया भर में बढ़ते वैचारिक और सामाजिक फसाद का मुकाबला समझदारी और धार्मिक चेतना से संभव है: मौलाना सय्यद अली सजीर रिजवी

    दुनिया भर में बढ़ते वैचारिक और सामाजिक फसाद का मुकाबला समझदारी और धार्मिक चेतना से…

    हुसैनाबाद, झारखंड के इमामे जुमा मौलाना सैयद अली सज्जीर रिजवी ने आज शिया ईदगाह हुसैनाबाद, झारखंड में जुमे के खुतबे में "फसाद और उसका निवारण" विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कुरआन मजीद की इस आयत का उल्लेख किया: "और धरती में सुधार हो जाने के बाद उसमें फसाद न फैलाओ।" उन्होंने कहा कि इस्लाम हर प्रकार के फसाद और बिगाड़ की कड़ी निंदा करता है।

  • माता-पिता का बुढ़ापा औलाद के लिए बोझ नहीं, परीक्षा है: मौलाना सय्यद यासीन हुसैन आबिदी

    माता-पिता का बुढ़ापा औलाद के लिए बोझ नहीं, परीक्षा है: मौलाना सय्यद यासीन हुसैन आबिदी

    मस्जिद इमाम अली (अ.) कानौदर, गुजरात में नमाज़े जुमा के ख़ुत्बे को संबोधित करते हुए हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लेमीन मौलाना सैयद यासीन हुसैन आबिदी ने माता-पिता की सेवा और उनकी रज़ामंदी, जीवनसाथी के अधिकार तथा पारिवारिक जीवन में प्रेम, दया, सम्मान और क्षमा के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता के बुढ़ापे में उनकी सेवा करना औलाद की वास्तविक परीक्षा है और घर को प्रेम तथा सुकून का केंद्र बनाना धार्मिक ज़िम्मेदारी है।

  • तक़वा, फ़राइज़ की पाबंदी और गुनाहों से दूरी ही सच्ची इबादत हैः मौलाना सय्यद तहक़ीक़ हुसैन

    तक़वा, फ़राइज़ की पाबंदी और गुनाहों से दूरी ही सच्ची इबादत हैः मौलाना सय्यद तहक़ीक़…

    अम्बा चौक स्थित ख़ोजा शिया इस्ना अशरी जामा मस्जिद में 18 सितंबर 2026 को ख़ुत्बा-ए-जुमा के दौरान मौलाना सय्यद तहक़ीक़ हुसैन ने तक़वा, फ़राइज़ की पाबंदी, हराम से बचने और नफ़्स के ख़िलाफ़ जिहाद के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इंसान की असली कामयाबी केवल अधिक इबादत करने में नहीं, बल्कि फ़र्ज़ अदा करने, हराम से बचने और अपने चरित्र को सुधारने में है।

  • बातिल कितना भी ताकतवर हो, हमेशा ह़क की जीत होती हैं

    बातिल कितना भी ताकतवर हो, हमेशा ह़क की जीत होती हैं

    हौज़ा / इमाम ए जुमआ भादी शाहगंज जौनपुर मौलाना सय्यद मासूम रज़ा कैफ़ी ने जुमआ के ख़ुत्बे में कहां,हक़ और बातिल के बीच संघर्ष मानव इतिहास का एक महत्वपूर्ण विषय रहा है। इतिहास गवाह है कि जब भी सत्य और असत्य आमने-सामने आए, तो परिस्थितियां चाहे कितनी ही कठिन क्यों न रही हों, सत्य ने अपनी पहचान और प्रभाव बनाए रखा। हक़ का रास्ता इंसाफ, सच्चाई और मानवता पर आधारित होता है, जबकि बातिल का आधार अन्याय, झूठ और अत्याचार होता है।

  • मक्का अनुबंध की हैसियत केवल कागजी है: मौलाना कल्बे जवाद नकवी

    मक्का अनुबंध की हैसियत केवल कागजी है: मौलाना कल्बे जवाद नकवी

    लखनऊ: मजलिस-ए-उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना सैयय् कल्बे जवाद नकवी ने लखनऊ की शाही आसिफी मस्जिद में जुमे की नमाज़ के खुत्बे के दौरान मक्का अनुबंध की आलोचना करते हुए कहा कि इस अनुबंध की हैसियत केवल कागज तक सीमित है। उन्होंने इसकी व्यावहारिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुसलमानों को अमेरिका और इजराइल की साजिशों का मुकाबला करने के लिए अपने आपसी एकता और एकजुटता को मजबूत रखना चाहिए।

  • इमाम हसन अस्करी (अ) की सीरतः दीन की हिफाज़त, उम्मत की रहनुमाई और ग़ैबत की तैयारी

    इमाम हसन अस्करी (अ) की सीरतः दीन की हिफाज़त, उम्मत की रहनुमाई और ग़ैबत की तैयारी

    उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर के छज्जुपूरा सादात मे 18 सितम्बर 2026 को मौलाना सय्यद महदी अब्बास ज़ैदी साहब की इमामत मे नमाज़ ए जुमा अदी की गई। जिसमे मोमेनीन ने मौलाना द्वारा इमाम हसन असकरी (अ) ने ग़ैबत के दौर मे दीन की हिफ़ाज़त और उम्मत की रहनुमाई पर दिए गए खुत्बो को बड़े ध्यानपूर्वक सुना।

  • अहले-बैत की शिक्षाएं केवल बयान करने के लिए नहीं, बल्कि हमारे चरित्र में दिखाई देनी चाहिए: डॉ. हकीम इलाही

    अहले-बैत की शिक्षाएं केवल बयान करने के लिए नहीं, बल्कि हमारे चरित्र में दिखाई देनी…

    पैगंबर-ए-अकरम हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि व आलेहि की मुबारक पैदाइश की 1500वीं वर्षगांठ के अवसर पर लखनऊ के शिया कॉलेज में जश्न-ए-मुर्सल-ए-आज़म सल्लल्लाहु अलैहि व आलेहि का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हुज्जतुल-इस्लाम डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने संबोधित करते हुए ज्ञान, अमानत, शिक्षक और अमल को शैक्षणिक संस्थानों की बुनियादी जिम्मेदारी बताया और शिया कॉलेज को ज्ञान, अंतरधार्मिक संवाद, भारत और इस्लाम के अध्ययन तथा मानव संसाधन के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर दिया।

  • भारत में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि कार्यालय ने विकृत वीडियो प्रकाशित किए जाने की निंदा की

    भारत में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि कार्यालय ने विकृत वीडियो प्रकाशित किए जाने की…

    भारत में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि कार्यालय ने इस्लामी गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति से संबंधित सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए एक विकृत वीडियो की निंदा करते हुए कहा है कि वीडियो के कुछ हिस्सों को मूल घटना के संदर्भ से हटाकर पेश किया गया, जिससे राष्ट्रपति के व्यवहार के बारे में गलत धारणा पैदा हुई।

  • जमीयत उलेमा इसना अशरिया कारगिल के प्रतिनिधिमंडल की नई दिल्ली में भारत में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि और ईरानी राजदूत से मुलाकात

    जमीयत उलेमा इसना अशरिया कारगिल के प्रतिनिधिमंडल की नई दिल्ली में भारत में वली-ए-फ़क़ीह…

    जमीयत उलेमा इसना अशरिया कारगिल के लगातार तीसरी बार निर्वाचित अध्यक्ष हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लेमीन शेख नाज़िर मेहदी मुहम्मदी ने प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत में सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुलमजीद हकीम इलाही और ईरानी राजदूत डॉ. मोहम्मद फतह अली से विशेष मुलाकात की।