आयतुल्लाहिल उज़मा वहीद ख़ुरासानी (29)
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उलेमा और मराजा ए इकराममौजूदा दौर की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी दीन की हदों की हिफ़ाज़त है।आयतुल्लाहिल उज़्मा वहीद ख़ुरासानी
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा वहीद ख़ुरासानी ने आज के दौर में इस्लामी समाज की बुनियादी ज़िम्मेदारी की तरफ़ ध्यान दिलाते हुए कहा कि आज सबसे अहम फ़र्ज़ दीन की सरहदों और उसके दायरे की हिफ़ाज़त करना…
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ईरानक़ुम अलमुकद्दस में मराजा ए इकराम के कार्यालयो में अय्याम ए फातेमीया की मजलिस और अजादारी का आयोजन
हौज़ा / हज़रत फातेमा ज़हरा (सला मुल्ला अलैहा) की शहादत के मौके पर मजालिस और अज़ादारी का आज गुरुवार 20 नवंबर 2025 से क़ुम में मराजा-ए-तक़लीद के दफ्तरों में शुरू हो रही हैं।
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उलेमा और मराजा ए इकरामअय्यामे फामेमीया का जिंदा रखना दिन की सबसे बड़ी खिदमत है।आयतुल्लाहिल उज़्मा वहीद खुरासानी
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा वहीद खुरासानी ने जोर देकर कहा कि वर्तमान युग में दीन की सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बड़ी सेवा अय्यामे फातेमीया का पुनरुत्थान है। हज़रत ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा कि सीरत की…
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उलेमा और मराजा ए इकराममौत एक हक़ीक़त है, उस पल के लिए अभी से तैयारी करेंः आयतुल्लाहिल उज़्मा वहीद खुरासानी
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़मा वहीद खुरासानी ने कहा कि एक समय ऐसा आता है जब उम्र की मोहलत खत्म हो जाती है और मलकुल मौत इंसान के सामने आ जाता है। उस समय न तो रिश्तेदार काम आते हैं, न ही संबंध; इंसान…
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गैलरीफोटो/इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम की शहादत के मौके पर आयतुल्लाहिल उज़मा वहीद खुरासानी की मौजूदगी में जुलूस निकल गया
हौज़ा / कुम अलमुकद्देसा में हर साल की तरह इस साल भी 8 रविउ अव्वल को हज़रत इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम की शहादत के मौके पर आयतुल्लाहिल उज़मा वहीद खुरासानी की मौजूदगी में जुलूस निकल गया इस जुलूस…
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उलेमा और मराजा ए इकरामआयतुल्लाहिल उज़्मा वहीद खुरासानी द्वारा इज़राईली आक्रमण की कड़ी निंदा की / इस्लाम के दुश्मनों की हार और विनाश के लिए दुआ करें
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा वहीद खुरासानी ने इस्लामी गणतंत्र ईरान पर हालिया सियोनिस्ट हमले और उसमें शहीद हुए लोगो और नागरिकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सियोनिस्ट आक्रमण की कड़े…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा वहीद ख़ुरासानी:
उलेमा और मराजा ए इकरामजो कोई अल्लाह पर तवक्कुल और भरोसा करता है, तो अल्लाहा उसके सभी मामलों मे काफ़ी होता है
हौज़ा / हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा वहीद ख़ुरासानी ने कहा: यदि कोई व्यक्ति सभी कारणों को इदारा ए इलाही के अधीन मानता है, तो निराशा कभी उसके पास नहीं आएगी, वह कठिनाइयों का सामना करने में कमजोर महसूस…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा वहीद खुरासानी:
उलेमा और मराजा ए इकरामइमाम (अ) के पास ज़मीन और आसमान के खजानों की कुंजियाँ हैं
हौज़ा / आयतुल्लाह वहीद ख़ुरासानी ने कहा: अपने दैनिक कार्यक्रम में सूर ए यासीन की तिलावत करें और हजरत ज़हरा (स) को हदिया करें। यदि आपके पास यह कार्यक्रम है, तो वे आपकी मदद करेंगी।