हौज़ा / शिया समाज की वक्फ़ संपत्तियाँ हमारी धार्मिक पहचान, सामाजिक सेवा और अहलेबैत अलैहिस्सलाम से वफ़ादारी की जीवित मिसाल हैं। इमामबाड़े, कर्बला, क़ब्रिस्तान, मदरसों और मजलिसी मराक़िज़ के रूप…
हौज़ा / इंसान की ज़बान बेहद खतरनाक है, एक जुमला इंसान की इज़्ज़त छीन सकता है, दिलों को तोड़ सकता है और नेक अमल को बर्बाद कर सकता है। कम खाना, सुबह जल्दी उठना, अकेले में खुद से हिसाब करना, ज़िक्र-ए-इला…
हौज़ा / खुदा भला करे रहबरे मोअज्जम खामनई साहब का जिनके अंदर हुसैनी फिक्र और हुसैनी जज्बा कूट कूट के भरा है जो इस उम्र में भी अमरीका और इजरायल और उनके इत्तेहादियों के मुकाबले में मजलूमों की मदद…