ग़ेरर उल हिकम (9)
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दिन की हदीसः
धार्मिकबेकार की उम्मीदों से बचें
अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने एक हदीस में बेकार और झूठी उम्मीदों से बचने तथा ऐसे भविष्य पर भरोसा करने से मना किया है, जिसके बारे में हमें कोई निश्चित जानकारी नहीं है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकयोग्यता के आधार पर पद प्राप्त करना
अमीरुल मोमिनीन इमाम अली (अ) ने एक रिवायत में किसी व्यक्ति के पद और जिम्मेदारी प्राप्त करने में उसकी योग्यता के महत्व की ओर संकेत किया है।
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दिन की हदीस
धार्मिकअमीर और धनवान लोग ध्यान दें!
अमीरुल मोमिनीन इमाम अली अलैहिस्सलाम ने एक हदीस में जरूरतमंदों के प्रति धनवान लोगों की जिम्मेदारी और उन्हें उनके अधिकार से वंचित करने की बुराई को बयान किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकजिन लोगों का अपना दामन ऐबों से भरा होता है, वही दूसरों की कमियों को फैलाते फिरते हैं
अमीरुल मोमिनीन हज़रत इमाम अली (अ) ने एक रिवायत में उन लोगों के बारे में बताया है जो दूसरों के ऐबों और कमियों को फैलाते हैं तथा इसके पीछे छिपे कारण को स्पष्ट किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकहसद के कड़वे परिणाम
हौज़ा / इमाम हादी (अ) ने एक रिवायत में इंसान की ज़िंदगी में हसद के असली और कड़वे परिणामो के बारे में बताया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकमेहमान, पिता और शिक्षक का आदर
हौज़ा / इमाम अली (अ) ने एक रिवायत में मेहमान, पिता और शिक्षक के साथ कैसा बर्ताव करना चाहिए, यह बताया है।
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धार्मिकदुनिया की अनदेखी
हौज़ा /अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अलैहिस्सलाम) ने एक हदीस में इंसान को दुनिया से जुड़े रहने और आखिरत को नज़रअंदाज़ करने से आगाह किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिक रोज़ाना कम होती उम्र को नज़रअंदाज़ करना
हौज़ा / अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अलैहिस्सलाम) ने इस रिवायत में इंसान को रोज़ाना कम होती उम्र को नज़रअंदाज़ करने से अवगत किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकदरियादिली और कंजूसी में फ़र्क
हौज़ा/अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अलैहिस्सलाम) ने एक रिवायत में दरियादिली और कंजूसी में फ़र्क समझाया है।