शुक्रवार 24 जुलाई 2026 - 04:25
जिन लोगों का अपना दामन ऐबों से भरा होता है, वही दूसरों की कमियों को फैलाते फिरते हैं

अमीरुल मोमिनीन हज़रत इमाम अली (अ) ने एक रिवायत में उन लोगों के बारे में बताया है जो दूसरों के ऐबों और कमियों को फैलाते हैं तथा इसके पीछे छिपे कारण को स्पष्ट किया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत "ग़ेरर उल हिकम व दुरर उल कलिम" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:

قال امیرالمؤمنین علیه السلام:

ذَوُو الْعُیُوبِ یُحِبُّونَ إِشَاعَةَ مَعَایِبِ النَّاسِ لِیَتَّسِعَ لَهُمُ الْعُذْرُ فِی مَعَایِبِهِمْ.

अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने फ़रमाया:

जो लोग स्वयं ऐबों से भरे होते हैं, वे दूसरों की कमियों और दोषों को फैलाना पसंद करते हैं, ताकि अपने दोषों के लिए उन्हें बहाना मिल सके।

ग़ेरर उल हिकम व दुरर उल कलिम, भाग 1, पेज 548।

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