हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत "ग़ेरर उल हिकम व दुरर उल कलिम" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:
قال امیرالمؤمنین علیه السلام:
ذَوُو الْعُیُوبِ یُحِبُّونَ إِشَاعَةَ مَعَایِبِ النَّاسِ لِیَتَّسِعَ لَهُمُ الْعُذْرُ فِی مَعَایِبِهِمْ.
अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने फ़रमाया:
जो लोग स्वयं ऐबों से भरे होते हैं, वे दूसरों की कमियों और दोषों को फैलाना पसंद करते हैं, ताकि अपने दोषों के लिए उन्हें बहाना मिल सके।
ग़ेरर उल हिकम व दुरर उल कलिम, भाग 1, पेज 548।
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