हौज़ा / हज़रत ज़ैनब कुबरा (स) सब्र की पूरी तस्वीर हैं जिन पर रज़ा की रोशनी हमेशा चमकती रही। वह रज़ा की जीती-जागती कहानी हैं जिस पर सब्र की रोशनी चमक रही है। इतिहास की सफ़ेद चादर पर, आपकी शख्सियत…
हौज़ा / आलिमा ग़ैर मोअल्लिमा, अकीला-ए-बनू-हाशिम, मजहर-ए-हया व इफ़्फ़त, पैकर-ए-सबर व शुजाअत हज़रत ज़ैनब कुब्रा़ सलामुल्लाह अलैहा की विलादत 5 जमादिउल अव्वल हिजरत के लगभग छठे साल हुई।